सजना के लिए संवरने पर जीएसटी की मार
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। इस बार करवा चौथ पर अब सजना के लिए संवरने के लिए महिलाओं को थोड़ा ज्यादा खर्च करना पड़ेगा। करवा चौथ के शृंगार पर इस बार जीएसटी मार नजर आ रही है। कॉस्टमेटिक के सामान पर 28 प्रतिशत टैक्स के चलते पतियों की जेब कुछ ज्यादा ढीली होगी।
कच्चे बिल के सामान पर भी लगा पांच प्रतिशत टैक्स : कॉस्टमेटिक सामान के दुकानदार महेश कुमार ने बताया कि इस करवा चौथ पर जीएसटी के कारण कच्चे बिल पर आने वाले मॉल पर भी पांच प्रतिशत टैक्स लगना शुरू हुआ है। इसमें नेलपेंट, लिपिस्टक, लाईनर व मस्कारा शामिल हैं। इसका अब पक्का बिल आने लगा है।
28 प्रतिशत टैक्स के बाद मिलने लगा है प्रिंट रेट पर : दुकानदार अनिल अरोड़ा ने बताया कि जीएसटी के बाद कॉस्टमेटिक की अधिकतर वस्तुओं पर 28 प्रतिशत टैक्स लगने लगा है। जो पहले 25 प्रतिशत था। ग्राहकों को किसी वस्तु को खरीदने के लिए उसका प्रिंट रेट ही देना पड़ रहा है। हालांकि इसके रेटों में केवल 5 से 10 रुपये का इजाफा हुआ है।
ब्यूटी पार्लर जाना भी मंहग : ब्यूटी पार्लर संचालक एवं दुकानदार भारती अरोड़ा ने बताया कि जीएसटी बिल के बाद जब से कॉस्टमेटिक सामान पर 28 प्रतिशत टैक्स लगा है। तब से महिलाओं का ब्यूटी पार्लर में जाकर फैशियल से लेकर ब्लीच कराना महंगा हो गया है।
डुप्लीकेट मॉल बना काम में बाधा : ब्यूटी सैलून संचालक संजीव ने बताया कि जीएसटी के बाद बाजार में डुप्लीकेट मॉल उनके काम में बाधा बन रहा है। जिस कारण ब्यूटी सर्विस के अलावा ब्यूटी प्रोडक्ट्स खुले बाजार में बिक्री कम हुई है और काम केवल पचास प्रतिशत ही रह गया है। डुप्लीकेट सामान की ऑनलाइन बिक्री धड़ल्ले से हो रही है। जिससे दुकानदार काफी परेशान हैं। ऐसे में इस करवा चौथ पर सभी महिलाएं ब्यूटी से संबधित सामान को खरीदने में काफी असमंजस में है।
करवा चौथ पर मेकअप के सामान के दामों में आए उछाल, ब्यूटी पार्लर जाना हुआ मंहगा
कॉस्टमेटिक पर 28 प्रतिशत टैक्स के बाद ग्राहकों को मिल रहा प्रिंट रेट पर सामान
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