जिला अध्यक्ष के नेतृत्व नहीं करेंगे काम
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। भारतीय जनता पार्टी के जिला अध्यक्ष सुभाष हजवाना के खिलाफ असंतोष बढ़ता जा रहा है। जिला भाजपा महिला मोर्चा की अध्यक्षा सहित पार्टी के नौ मंडल अध्यक्ष व जिला पिछड़ा वर्ग मोर्चा के जिला अध्यक्ष ने भाजपा जिला अध्यक्ष के नेतृत्व में काम करने से मना कर दिया है। जिला ओबीसी मोर्चा के जिला अध्यक्ष ने संगठन को 48 घंटे का समय देकर जिला अध्यक्ष पर फैसला लेने के लिए कहा है। उधर जिलाध्यक्ष सुभाष हजवाना ने अपने ऊपर लगे आरोपों को निराधार बताते हुए अन्य कोई भी टिप्पणी करने से मना कर दिया।
विदित रहे कि नगर पालिका राजौंद की पार्षद एवं कैथल महिला मोर्चा की जिलाध्यक्ष अनुराधा राणा ने जिलाध्यक्ष सुभाष हजवाना पर नगर पालिक राजौंद की चेयरपर्सन बनाए जाने के नाम पर लाखों रुपये लिए जाने के आरोप लगाते हुए शिकायत प्रदेशाध्यक्ष सुभाष बराला को सौंपी थी। यह मामला मीडिया में जमकर उठाया गया। संगठन ने जिलाध्यक्ष पर लगे आरोपों की जांच कैथल के ही 4 पदाधिकारियों को सौंपी। जिलाध्यक्ष पर पैसों के आरोप लगाकर मामला मीडिया में उछालने के आरोप में जिलाध्यक्ष सुभाष हजवाना ने महिला मोर्चा की जिलाध्यक्ष अनुराधा राणा व राजौंद मंडल अध्यक्ष राकेश राणा को पार्टी से बर्खास्त कर दिया।
अब अनुराधा व राकेश राणा को बर्खास्त किए जाने के खिलाफ 12 में से 9 मंडल अध्यक्ष जिलाध्यक्ष के खिलाफ खड़े हो गए हैं और उन्होंने जिलाध्यक्ष के इस निर्णय को तानाशाही बताते हुए आगे उनके नेतृत्व में काम नहीं करने का निर्णय लिया है। मंडल अध्यक्ष व महिला मोर्चा की सदस्यों ने कहा कि है कि जिलाध्यक्ष सुभाष हजवाना पर भ्रष्टाचार के आरोप लगे हैं, उनकी जांच 4 सदस्यीय कमेटी कर रही है। बताया जा रहा है कि कमेटी में आरोपों की पुष्टि भी हो चुकी है। लेकिन जिलाध्यक्ष अपने आपको पाक साफ साबित करने के लिए तानाशाही रवैया अपनाते हुए आरोप लगाने वाली अनुराधा राणा व राकेश राणा को बर्खास्त कर उन्हें दबाने एवं डराने का काम कर रहे हैं। इसका वे विरोध करते हैं।
जिलाध्यक्ष के खिलाफ उतरे भाजपा पदाधिकारी
जिलाध्यक्ष के रवैये के खिलाफ आज बर्खास्त किए गए राजौंद मंडल अध्यक्ष राकेश राणा, शहरी मंडल अध्यक्ष धर्मबीर सैनी, बालू मंडल अध्यक्ष राममेहर सारण, पूंडरी मंडल अध्यक्ष संजीव कुमार, कांगथली मंडल अध्यक्ष जगमाल राणा, सीवन मंडल अध्यक्ष दरबारा डोहर, क्योडक़ मंडल अध्यक्ष कृष्ण ढुल, क्योडक़ मंडल उपाध्यक्ष बलकार सिंह, जिला सचिव चरण सिंह हजवाना, जिला युवा कार्यकारिणी सदस्य ऋषभ मित्तल, शहरी मंडल उपाध्यक्ष ओमप्रकाश मीरा, नगर पालिका वाइस चेयरमैन नरवैर सिंह, पूर्व युवा जिला उपाध्यक्ष विजय भारद्वाज, महिला मोर्चा की जिलाध्यक्ष अनुराधा राणा, जिला महामंत्री रेनू सैनी, जिला मीडिया प्रभारी सुमन पंवार, जिला सचिव संतोष सैनी, मंडल अध्यक्ष शहरी सीमा शर्मा, क्योडक़ मंडल अध्यक्ष सुदेश, सहजिला मीडिया प्रभारी संतोष पठानिया, बोती देवी मैदान में आ गई। सभी ने हुडा सेक्टर 19 स्थित शहरी मंडल कार्यालय में बैठक कर जिलाध्यक्ष के खिलाफ मोर्चा खोलने का एलान कर दिया। मंडल अध्यक्षों ने दावा किया कि 12 में से 9 मंडल अध्यक्ष उनके साथ हैं। वे मौके पर केवल 7 हैं, लेकिन उन्हें दो मंडल अध्यक्षों का और समर्थन है।
जिलाध्यक्ष के खिलाफ मिलेंगे संगठन मंत्री एवं प्रभारी
सात मंडल अध्यक्ष व बर्खास्त की गई महिला मोर्चा जिलाध्यक्ष अनुराधा ने कहा कि वे जिलाध्यक्ष के इस तानाशाही रवैया के खिलाफ जल्द ही संगठन मंत्री सुरेश भट्ट एवं हरियाणा प्रभारी अनिल जैन से मिलेंगे। इससे पहले वे 11 अगस्त को कैथल जिला प्रभारी सत्यवान शेरा के सामने पूरा मामला रखेंगे। अगर उन्होंने उनकी सुनवाई नहीं की तो अन्य प्रदेश के नेताओं से मिलेंगे।
48 घंटे में प्रदेशाध्यक्ष, महामंत्री या किसी अन्य बड़े पदाधिकारी ने बातचीत नहीं की तो देंगे इस्तीफा - पाला राम सैनी
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। भाजपा ओबीसी मोर्चा के जिलाध्यक्ष पाला राम सैनी ने ओबीसी मोर्चा की अनदेखी का आरोप लगाया है। मून लाइट पब्लिक स्कूल में आयोजित पत्रकारवार्ता में सैनी ने कहा कि ओबीसी मोर्चा के किसी भी पदाधिकारी का कोई काम नहीं हो रहा है। डीसी रेट व ठेके की नौकरी पर भी उनके कहने से आज तक एक भी युवक नहीं लगाया है। वहीं जब भी कोई बैठक या अन्य कार्यक्रम होता है तो किसी भी प्रकार की सूचना उन्हें नहीं दी जाती। वर्तमान में शहर में नगर परिषद को लेकर जो विवाद चल रहा है उस विवाद को सुलझाने के लिए जो कमेटी बनाई गई है उस कमेटी में भी इस मोर्चा से किसी को भी शामिल नहीं किया गया, जबकि वे स्वयं दो बार नगर परिषद के सदस्य रह चुके हैं। अनुभव होने के कारण पार्षदों की समस्या से भली भांति परिचित हैं।
पाला राम ने कहा कि पार्टी के जिलाध्यक्ष सुभाष हजवाना की कार्यप्रणाली से वे नाखुश हैं। एक तरफ तो देश के प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री ओबीसी मोर्चा को आगे लेने का काम कर रहे हैं, वहीं पार्टी जिलाध्यक्ष ने इस मोर्चा को कहीं भी कोई स्थान नहीं दिया है। जब रैली में भीड़ एकत्रित करनी हो तो ओबीसी मोर्चा याद आ जाता है, अन्यथा इस मोर्चे को कोई नहीं पूछता। उनका मान-सम्मान नहीं हो रहा है।
सैनी ने कहा कि उन्होंने नाराजगी के कारण बता दिए हैं, यदि 10 अगस्त तक पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष, महामंत्री या किसी अन्य बड़े पदाधिकारी ने उनसे बातचीत नहीं की तो वे मोर्चा के सभी मंडल अध्यक्षों, अन्य पदाधिकारियों के साथ अपने पदों से इस्तीफा दे देंगे। इस अवसर पर कलायत मंडल अध्यक्ष कश्मीरी लाल, मोर्चा के जिला महामंत्री जाला ज्ञम कश्यप, शमशेर सैनी, नवीन वर्मा, बंटी सैनी, राजबीर कश्यप, रामनिवास सीवन, ठाकुर शमशेर सिंह, जसविंद्र सैन मौजूद रहे।
‘मुझे नहीं है जानकारी’
जिला अध्यक्ष सुभाष हजवाना ने बताया कि मंडल अध्यक्ष उनके खिलाफ हैं, उनके जानकारी में ऐसा कोई मामला नहीं है। जिला ओबीसी मोर्चा के पाला राम सैनी जिला अध्यक्ष हैं। वह उनसे नाखुश है ऐसी कोई बात उनके सामने नहीं आई है।
‘संगठन में आपसी मतभेद होते रहते हैं’
महिला मोर्चा की प्रदेशाध्यक्ष निर्मला बैरागी ने बताया कि पार्टी में जिलाध्यक्ष का फैसला सभी कार्यकर्ताओं के लिए सर्वमान्य है। जिलाध्यक्ष द्वारा महिला मोर्चा की जिलाध्यक्ष अनुराधा राणा व राकेश राणा को हटाया जाना उनके अधिकारों में आता है। उन्हें इस मामले के बारे में पूरी जानकारी है। यह फैसला संगठनात्मक तरीके से लिया गया फैसला है। मंडल अध्यक्षों के विरोध किए जाने पर उन्होंने कहा कि संगठन में आपसी मतभेद होते रहते हैं। इन्हें मीडिया में न लाकर आपस में बातचीत के साथ सुलझाना चाहिए।