तितरम से पिहोवा तक बनाए जा रहे नेशनल हाईवे पर नरड़ के निकट सिरसा नहर का पुल बनने से पहले ही गिरा
- सुबह छह बजे हुआ हादसा, प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार खुद गिरे स्लाइड, 459 करोड़ रुपये से बनाया जा रहा है तितरम मोड़ से पिहोवा तक नेशनल हाईवे का टुकड़ा
- निर्माण कंपनी का दावा- अभी स्लाइडों को सेट किया जा रहा था, निर्माणाधीन पुल पर मशीन का जोर लगने से स्लाइडों के खिसकने के कारण पुल की तीन स्लाइडें गिरीं
- लेबर को मिला पुल से उतरने का अवसर, बाल-बाल बचे मजदूर व इंजीनियर
- सिंचाई विभाग ने 24 घंटे में नहर में से मलबा हटाने को कहा, सिरसा ब्रांच नहर में चल रहा है अभी पानी
फोटो संख्या-16 से 18
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। राजस्थान बॉर्डर से चंडीगढ़ नेशनल हाईवे के लिए सिरसा ब्रांच पर गांव नरड़ के निकट बनाए जा रहे पुल का आधा हिस्सा बुधवार की सुबह अचानक गिर गया। जिसमें किसी के हताहत होने की सूचना नहीं हैं। लेकिन पुल बना रही कंपनी व सिंचाई विभाग को लाखों रुपये के नुकसान का अनुमान है। सिंचाई विभाग ने अगले 24 घंटे में पुल के मलबे को नहर से साफ करने के लिए कहा है। पुल बना रही कंपनी के अधिकारियों ने मशीन का धक्का लगने को पुल की स्लाइड गिरने का कारण बताया है।
हिसार में राजस्थान बॉर्डर से चंडीगढ़ तक कई टुकड़ों में नेशनल हाईवे का निर्माण किया जा रहा है। इस हाईवे के तितरम मोड़ से लेकर पिहोवा तक के टुकड़े का निर्माण कार्य सद्भावना कंपनी द्वारा करवाया जा रहा है। नेशनल हाईवे बाईपास के लिए गांव नरड़ के निकट सिरसा ब्रांच पर पुल बनाया जा रहा है। जिस पर 6 बड़ी स्लाइडें रखकर शटरिंग से उन्हें सेट किया जा रहा था कि सुबह करीब 6 बजे इसमें से 3 बड़ी स्लाइडें फिसल कर नहर में जा गिरीं। उस समय आस-पास किसी मजदूर के न होने के कारण जान-माल का नुकसान तो नहीं हो पाया। लेकिन कंपनी द्वारा किए जा रहे 24 घंटे काम के बीच यदि यहां मजदूर होते तो बड़ा हादसा हो सकता था। सूचना मिलते ही सिंचाई विभाग के एसडीओ सहित कंपनी के प्रोजेक्ट मैनेजर मौके पर पहुंचे और निरीक्षण किया।
प्रोजेक्ट मैनेजर राजेश कुमार ने बताया कि पुल बनाने के लिए शटरिंग की गई है। इस शटरिंग के सहारे सुबह पुल की बड़ी स्लाइडों को ठीक करने का काम किया जा रहा था। पोकलेन मशीन का बूम लगने से अनजाने में पुल का स्लाइड गिर गया। सिरसा ब्रांच में पानी कम होने की वजह से सिंचाई विभाग को कोई नुकसान नहीं हुआ और आसपास के किराने का निरीक्षण किया जा रहा है। बीम गिरने से हुए खर्च का वहन भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण द्वारा अधिकृत मैसर्ज सदभाव इंजीनियरिंग लिमिटेड कैथल द्वारा किया जाएगा। इसमें सिंचाई विभाग के किसी भी अधिकारी व कर्मचारी की कोई जिम्मेवारी नहीं बनती क्योंकि यह कार्य भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण द्वारा किया जा रहा है।
निर्माण के दौरान ही पुल गिरने का कारण घटिया निर्माण सामग्री तो नहीं है के प्रश्न पर राजेश कुमार ने कहा कि यह अचानक हुआ एक हादसा है। निर्माण सामग्री घटिया लगाने का सवाल ही नहीं उठता। हादसे के बाद जो स्लाइडें गिरी हैं, वे अभी भी साबूत हैं। इन्हें तोड़कर हटाया जा सकेगा। यह हादसा अचानक हुआ है। इसकी भी जांच करवाई जाएगी कि यह क्यों हुआ? फिलहाल इसके नुकसान का अनुमान नहीं लगाया जा सका है। तितरम मोड़ से पिहोवा तक पूरे प्रोजेक्ट पर करीब 459 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं।
वहीं पूंडरी जल सेवाएं मंडल कैथल के कार्यकारी अभियंता बनारसी दास ने सिरसा ब्रांच की बुर्जी संख्या 196800 पर पुल गिरने के संदर्भ में बताया कि यह पुल नरड़ गांव के पास सिरसा ब्रांच की बुर्जी संख्या 196800 पर भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण द्वारा बनाया जा रहा है और इस पुल की देखरेख का कार्य मैसर्ज सद्भाव इंजीनियरिंग लिमिटेड कैथल द्वारा किया जा रहा है। एसडीएओ मनीष कुमार ने इसका निरीक्षण कर कंपनी को अगले 24 घंटे में नहर में पड़े मलबे को हटाने के लिए कहा है।