अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। लड़की से छेड़छाड़ व एससीएसटी एक्ट के तहत दर्ज एक मामले के आरोपी 20 वर्षीय युवक ने आहत होकर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। उसने रविवार रात्रि अपने गांव बरसाना के खेतों में पेड़ पर लटक कर मौत को गले लगा लिया। मरने से पूर्व उसने एक वीडियो बनाकर खुद को बेकसूर बताया और पुलिस में फंसाने के लिए गांव के ही एक व्यक्ति व एक पुलिस कर्मचारी को दोषी बताया। पुलिस ने अब इस मामले में मृतक के पिता की शिकायत पर लड़की के माता-पिता के खिलाफ युवक को आत्महत्या के लिए मजबूर करने के आरोप में केस दर्ज कर लिया है। मृतक युवक आइलेट्स (इंटरनेशनल इंग्लिश लैंग्वेज टेस्टिंग सिस्टम) की तैयारी कर रहा था।
विदित रहे कि 4 दिन पूर्व पूंडरी पुलिस थाने में एक महिला ने शिकायत दर्ज करवाई थी कि बरवाना निवासी नीरज ने उसकी नाबालिग बेटी से छेड़छाड़ की और उसे जातिसूचक शब्द कहकर अपमानित किया। इस शिकायत के बाद पुलिस ने नीरज के खिलाफ केस दर्ज कर लिया था। इस मामले में नीरज के परिजनों ने पुलिस अधिकारियों से मिलकर उसे निर्दोष बताया था। मामले की जांच डीएसपी सतीश गौतम कर रहे हैं। पुलिस ने अभी तक नीरज को जांच में भी शामिल नहीं किया था कि उसने रविवार शाम अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। परिजनों ने इस बात को लेकर रोष जताया कि नीरज के बेकसूर होते हुए भी उसे झूठे मामले में फंसाया गया। जिससे आहत होकर उसने आत्महत्या की है। उनके इस रोष के बाद पुलिस ने देर रात नीरज के पिता बलवान सिंह की शिकायत पर फतेहपुर निवासी लड़की की मां व पिता के खिलाफ नीरज को आत्महत्या के लिए मजबूर करने के आरोप में केस दर्ज कर लिया। पुलिस ने सोमवार को मृतक के शव का पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सौंप दिया। नीरज के मोबाइल से बाद में एक वीडियो भी मिला। जिसमें उसने आत्महत्या से पहले खुद को बेकसूर बताते हुए गांव के ही एक व्यक्ति व पूंडरी पुलिस चौकी के एक पंडित (ब्राह्मण कर्मचारी) को उसेे फंसाने का दोषी बताया। साथ ही लड़की की मां के आरोपों को झूठा बताते हुए वीडियो अधिक से अधिक शेयर करने की बात भी कही। उसने असली दोषी बाहर घूम रहे एक युवक को बताया। इस वीडियो में वह काफी व्यथित नजर आ रहा है।
मृतक के चाचा रणधीर सिंह ने बताया कि नीरज काफी होनहार लड़का था। वह विदेश जाना चाहता था। लेकिन झूठे आरोपों के चलते वह बदनामी सहन नहीं कर पाया। उनकी मांग है कि पुलिस इसके लिए दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई करे।
पुलिस ने महिला की शिकायत पर केस दर्ज कर लिया था। अभी पुलिस जांच कर ही रही थी। आरोपी लड़के के तो बयान भी दर्ज नहीं हुए और ना ही उसे अभी तक जांच में शामिल किया गया था। लड़के के परिजन जरूर उनसे मिले थे। उन्होंने निष्पक्ष जांच की बात कही थी।
सतीश गौतम, डीएसपी
लड़की की मां की शिकायत पर पॉक्सो, छेड़छाड़ सहित एससीएसटी एक्ट में केस दर्ज था। युवक की आत्महत्या के बाद लड़की के माता-पिता के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। लेकिन वीडियो सोमवार को ही सामने आया है। इस मामले की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया गया है। मामले की निष्पक्षता से जांच की जाएगी।
आस्था मोदी, एसपी
लैग- चार दिन पहले हुआ था लड़की से छेड़छाड़ व एससीएसटी एक्ट के तहत प्रताड़ित करने के आरोप में केस दर्ज
हेडिंग- आहत युवक ने गांव के खेत में पेड़ पर लटक कर दी जान
- मरने से पहले वीडियो बनाया, कहा- गांव के ही एक व्यक्ति व एक पंडित पुलिस कर्मचारी ने उसे फंसाया
- मामले का असली आरोपी युवक घूम रहा है बाहर, खुद को बताया बेकसूर
- मृतक के पिता ने दर्ज करवाया लड़की के माता-पिता के खिलाफ आत्महत्या के लिए मजबूर करने के आरोप में केस
- जांच के लिए एसआईटी गठित : एसपी
फोटो संख्या-31