अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। हरियाणा विधानसभा में प्रतिपक्ष नेता अभय सिंह चौटाला ने कहा कि पिछले लोकसभा चुनाव से पहले यदि राष्ट्रीय स्तर पर तीसरा मोर्चा गठित हो जाता तो कांग्रेस के विकल्प के रूप में लोग भाजपा को मजबूरीवश न चुनते। तीसरे मोर्चे की सरकार बनती और देश और प्रदेश के लोगों को आज यह दिन न देखना पड़ता। इनेलो के जन जागरण अभियान के तहत गांव खुराना में सरपंच रामफल मलिक द्वारा आयोजित कैथल हलके की जनसभा को संबोधित करते हुए चौटाला ने भाजपा की केंद्र व हरियाणा सरकार पर आरोप लगाया कि चुनाव से पहले जो बड़े वादे किए गए थे वे पूरे नहीं हुए।
उन्होंने कहा कि दोनों सरकार के खिलाफ मतदाताओं में जबरदस्त रोष है और उस रोष का परिणाम यह रहा है कि भाजपा को राजस्थान उप-चुनाव में करारी हार का सामना करना पड़ा है। मनोहर सरकार को घेरते हुए चौटाला ने आरोप लगाया कि एसवाईएल का निर्माण करने, किसान को आखिरी छोर तक पानी देने, कच्चे कर्मियों को पक्का करने, पक्के कर्मियों को पंजाब के समान वेतन देने और स्व. चौ. देवीलाल द्वारा शुरू की गई पेंशन राशि को 2 हजार रुपये महीने करने संबंधी सभी वादे यह सरकार भूल गई है।
इससे पहले पूर्व सीपीएस रामपाल माजरा ने दादूपुर नलवी नहर के प्रोजैक्ट को रद्द करने पर सरकार की खिंचाई की और इसे किसान विरोधी फैसला दिया। इस मौके पर कैलाश भगत, सुरेंद्र मदान, कंवरपाल करोड़ा, बलदेव वाल्मीकि ने भी अपने विचार रखें।
कइयों ने थामा इनेलो का दामन : गांव खुराना में आयोजित हुए कार्यक्रम में रामनिवास शर्मा खुराना व बलकार सिंह पंचायत सदस्य अपने साथियों सहित कांग्रेस को अलविदा कहते हुए रामफल मलिक खुराना की अगुवाई में इनेलो के वरिष्ठ नेता अभय सिंह चौटाला की नेतृत्व में इनेलो में शामिल होने की घोषणा की। जिस पर अभय चौटाला ने दोनों कार्यकर्ताओं को पार्टी का पटका पहनाकर स्वागत किया और इनेलो में पूरा मान-सम्मान देने का वादा किया।
तीसरा मोर्चा गठित हो जाता तो सत्ता में नहीं आती भाजपा : चौटाला
कहा: राजस्थान में भाजपा की हार राष्ट्रव्यापी रोष का परिणाम
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