कैथल। जिले में पराली जलाने वाले किसानों पर जिला प्रशासन की सख्ती के बावजूद मामले कम नहीं हो पा रहे हैं। रविवार को छुट्टी होने के बाद सोमवार को पराली जलाने के एक साथ 11 नए मामले आए हैं। जबकि पुलिस ने दो और किसानों को गिरफ्तार किया है। जबकि दो किसानों पर एफआईआर दर्ज करते हुए दो किसानों को चीका और पंजाब बॉर्डर पर पटियाला जिले के गांव धनेठा से गिरफ्तार भी किया है। पूरे जिले में अब तक 108 किसानों की कृषि विभाग की ओर से रेड एंट्री भी की गई है।
वहीं, अभी तक पूरे जिले में 25 किसानों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इसमें एक महिला किसान भी शामिल है। हालांकि पुलिस ने इन किसानों को गिरफ्तारी के तुरंत बाद ही जमानत पर छोड़ दिया था। बता दें कि जिले में अब पराली जलाने के 158 मामले सामने आ चुके हैं। इसमें से दो लाख 12 हजार रुपये का जुर्माना भी किसानों पर लगाया गया है। बता दें कि दिवाली के बाद एक दिन की राहत के बाद फिर से वायु प्रदूषण का स्तर बढ़ा है। सोमवार को यह 236 पर दर्ज किया गया है।
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इस मामले में कृषि विभाग के उपनिदेशक डॉ. बाबू लाल ने बताया कि जिला प्रशासन के आदेशों पर पराली न जलाने को लेकर किसानों को लगातार जागरूक किया जा रहा है। इसी कड़ी में अब तक 108 किसानों की रेड एंट्री की गई है। इसे पोर्टल पर भी चढ़ा दिया गया है। पराली जलाने के मामले में जिला प्रशासन की लगातार सख्ती है। बताया कि अभी तक करीब दो लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया जा चुका है। धान के अवशेष जलाने के दो मामलों में दो आरोपी गिरफ्तार किए गए है
वहीं, एसपी राजेश कालिया ने किसानों से अपील की है कि कोई भी पराली के अवशेष ना जलांए। फसल के अवशेष ना जलाकर पर्यावरण को साफ-स्वच्छ बनाए रखने में सहयोग करें।
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