एनएचएम के 212 से अधिक कर्मचारी रहे हड़ताल पर
एंबुलेंस की सेवाएं जिलास्तर पर रहीं प्रभावित
ग्रामीण क्षेत्रों में नर्सिंग स्टाफ के हड़ताल पर रहने से मरीजों को हुई परेशानियां
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अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। नेशनल हेल्थ मिशन के कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर मंगलवार को दो दिवसीय हड़ताल की शुरुआत की। कर्मचारियों ने जिला अस्पताल के बाहर धरना दिया और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। हड़ताल का असर जिले में एंबुलेंस सेवा पर पड़ा। जिसमें विशेष रूप से गर्भवती महिलाओं को ज्यादा परेशानियां हुईं। इसके अलावा ग्रामीण क्षेत्र से नर्सिंग स्टाफ के हड़ताल पर रहने के कारण लोगों को दिक्कतें आईं।
जिला अस्पताल के बाहर धरने पर बैठे कर्मचारियों ने सरकार को जमकर कोसा। इन कर्मचारियों में सुनील, संतलाल, रीना, नवीन सहित अन्य ने बढ़चढ़ कर भाग लिया। कर्मचारी नेताओं नरेंद्र कुमार व हरदीप सिंह ने इनकी अगुवाई की। कर्मचारियों ने कहा कि उनकी सरकार से मांग है कि उन्हें सातवें वेतन आयोग के अनुसार वेतन दिया जाए। इसके अलावा उनकी नौकरी की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। प्रदेशव्यापी हड़ताल के तहत वे दो दिनों तक हड़ताल पर रहेंगे। इसके बावजूद भी यदि उनकी मांगों को नहीं माना गया तो वे आंदोलन को ओर तेज कर देंगे।
एंबुलेंस सेवा सहित नर्सिंग स्टाफ रहा हड़ताल पर : जिले के 212 एनएचएम कर्मचारियों में एंबुलेंस सेवा के 58, सूचना सहायक, लेखा सहायक, ब्लॉक आशा कोर्डिनेटर सहित कुल 212 कर्मचारी हड़ताल में शामिल हुए। सबसे ज्यादा परेशानी एंबुलेंस सेवा के न चलने से हुई। जिसमें लोगों को घायलों को लाने व ले जाने में परेशानी हुई। इसके अलावा गर्भवती महिलाओं को घर से लाने व अस्पताल से छोड़कर आने में दिक्कतों का सामना करना पड़ा।