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डेरा बाबा राजपुरी में गद्दी का विवाद-महंत ने लगाए प्रशासन पर दूसरी बार गुमराह करने के आरोप

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डेरा बाबा राजपुरी में गद्दी का विवाद, महंत ने लगाए प्रशासन पर दूसरी बार गुमराह करने के आरोप, कहा-
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प्रशासन जानबूझकर नहीं दिला रहा था कब्जा, ताकि दूसरे पक्ष को कोर्ट से स्टे मिल जाए
हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे : दूजपुरी
फोटो संख्या-39
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। गांव बाबा लदाना में स्थित डेरा बाबा राजपुरी के मामले में मंगलवार को न्यायालय ने 8 फरवरी तक स्टे देकर मामले से जुड़ा रिकॉर्ड तलब किया है। वहीं महंत दूजपुरी ने प्रशासन पर षड्यंत्र का आरोप लगाते हुए कहा कि उन्हें कब्जा दिलवाने में देरी इसलिए की जा रही थी कि दूसरे पक्ष को स्टे मिल जाए। वे अब इस मामले में हाईकोर्ट की शरण लेंगे।
विदित रहे कि शुक्रवार को एसडीएम न्यायालय द्वारा महंत दूजपुरी को डेरा बाबा राजपुरी में महंत करार देते हुए उनके पक्ष में फैसला दे दिया था। उसी दिन से महंत दूजपुरी डेरे में कब्जा लेने के लिए कभी पुलिस तो कभी प्रशासनिक अधिकारियों के यहां चक्कर काटते रहे। मंगलवार को लघु सचिवालय में मीडिया से बातचीत में महंत दूजपुरी ने कहा कि उन्हें सोमवार शाम कहा गया कि नायब तहसीलदार ईश्वर सिंह को उन्हें कब्जा दिलवाने के लिए ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त कर दिया गया है। लेकिन इसी बीच सोमवार शाम पांच बज कर 20 मिनट पर न्यायालय से एक दिन का अंतरिम स्टे दिए जाने की सूचना प्राप्त हुई। महंत ने जिले के आला प्रशासनिक अधिकारियों पर आरोप लगाते हुए कहा कि कब्जा दिलवाए जाने में देरी इसी कारण की जा रही थी कि दूसरे पक्ष को स्टे मिल जाए और अब दूसरे पक्ष को स्टे मिल गया है।
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जूना अखाड़ा के निर्देशानुसार नहीं किए नाम सार्वजनिक : महंत से जब पूछा गया कि उन्होंने मंगलवार को उन अधिकारियों के नाम उजागर करने के लिए कहा था, जिन्होंने उनसे रिश्वत ली है या फिर मांगी है। तो उनके नाम क्यों नहीं सार्वजनिक किए जा रहे? इस पर महंत ने कहा कि उन्हें जूना अखाड़ा से अधिकारी संतगण ने निर्देश दिया है कि वे ऐसे किसी का नाम न लें। इसलिए वे नाम नहीं बता सकते। लेकिन यह जरूर है कि जिले में आला अधिकारियों द्वारा उनके खिलाफ यह दूसरी बार षड्यंत्र रचा गया। पहले भी जब कब्जा दिलवाने के लिए ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त किया गया था, उसी समय स्टे मिल गया था। इस बार भी जिस दिन से उनके पक्ष में फैसला आया था, उसी दिन से प्रशासन इस मामले में टाल-मटौल कर रहा है।
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दूसरी ओर महंत प्रेमपुरी के अधिवक्ता विजयवीर भारद्वाज ने बताया कि न्यायालय से इस मामले में स्टे 8 फरवरी की तिथि निर्धारित की है। जिसमें मामले से जुड़ा रिकॉर्ड तलब किया गया है। तब तक न्यायालय द्वारा स्टे जारी है।
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