ज्यादा नमी वाली धान के न्यूनतम समर्थन मूल्य से कम पर हुई खरीद को बताया राज्यमंत्री कर्ण देव कंबोज ने सही
किसानों ने कहा-नहीं मिल रही पूरी कीमत, मंत्री ने 17 की बजाए 22 प्रतिशत की नमी वाली धान को भी न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदने के जारी किए मौखिक आदेश
राइस मिलर्स एसोसिएशन की लिमिट में की गई कटौती के फैसले को वापिस लिया, प्रत्येक मिल अनुसार 1 हजार एमटी की खरीद की ओर दी मंजूरी
अनाज मंडी में 5 ढेरियों की नमी की जांच की, सभी में नमी 17 प्रतिशत से अधिक मिली
फोटो संख्या-16
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। हरियाणा के नागरिक खाद्य आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले राज्य मंत्री कर्ण देव कांबोज ने वीरवार को नई अनाज मंडी का दौरा कर किसानों, आढ़तियों व मिलर्स से बातचीत की। उनकी समस्याएं जानीं और अधिकारियों को उनके समाधान के निर्देश जारी किए। भाजपा के जिला अध्यक्ष अशोक गुर्जर ढांड, मार्केट कमेटी चेयरमैन राजपाल तंवर, पूर्व विधायक लीला राम के साथ मंत्री दोपहर बाद नई अनाज मंडी पहुंचे। जहां राइस मिलर्स एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष अमरजीत छाबड़ा, नई अनाज मंडी आढ़ती एसोसिएशन के अध्यक्ष कृष्ण मित्तल सहित मिलर्स, आढ़तियों व अधिकारियों ने उनका स्वागत किया। इसके बाद चेयरमैन कार्यालय में किसान सुभाष संधु ने कहा कि किसानों की धान को 1500 से 1600 रुपये में खरीदा गया है। इस पर राज्यमंत्री ने कहा कि ऐसा केवल वही धान बिका है, जिसमें नमी 17 की बजाए 26 से 30 प्रतिशत तक नमी थी। इतनी ज्यादा नमी वाला खरीदने के बाद मिलर्स को इसके सूख जाने पर काफी घाटा होता है। जबकि वजन ज्यादा निकलने से किसान को लाभ रहता है। इसलिए इतनी नमी वाला धान एमएसपी पर नहीं बिक सकता। यदि 17 प्रतिशत नमी वाला धान कोई ना खरीदे तो शिकायत दें। इस बारे में सीएम साहब को भी बताया गया था। यह व्यवहारिक समस्या है। किसान सूखाकर धान लाएं। इसके बाद किसान नेता ने कहा कि मिलों में रिकॉर्ड के अनुसार स्टॉक नहीं है। जिस पर मिलर्स एसोसिएशन के प्रधान अमरजीत छाबड़ा ने कहा कि अभी जाकर उनकी मिल से इस बात की जांच कर ली जाए। जिस पर मंत्री ने कहा कि खरीद पूरा होने के बाद स्टॉक की जांच की जाएगी। मंत्री ने कहा कि 17 प्रतिशत से 1 प्रतिशत अधिक नमी होने पर 17 रुपये, इसके बाद 22 प्रतिशत तक नमी वाली धान को एमएसपी में 85 रुपये कट लगाकर खरीदा जा सकता है। यह बकायदा भाकियू, अधिकारियों व विशेषज्ञों की कमेटी की रिपोर्ट के बाद छूट दी गई है। इसके ऊपर यदि कोई किसान नमीवाला धान लेकर आता है तो वह खरीदने लायक नहीं है। पूरे प्रदेश में 59 लाख एमटी धान खरीदा है। सरकार धान, बाजरे का दाना-दाना खरीद रही है।
आढ़ती एसोसिएशन के प्रधान कृष्ण मित्तल ने राइस मिलर्स की लिमिट 1 एमटी कम किए जाने व डीएफएससी विभाग द्वारा भुगतान ना होने की शिकायत उठाई तो मंत्री ने कहा कि मिलर्स की लिमिट को पिछले साल की तर्ज पर 1 हजार एमटी बढ़ा दिया गया है। रही बात भुगतान की तो वह वीरवार सांय तक सारा कर दिया जाएगा।
6 ढेरियां जांची, सभी में नमी ज्यादा मिली:
मंत्री ने मंडी में 6 ढेरियों की नमी की जांच की। जिनमें से 4 की नमी 21 से 26 प्रतिशत तक मिली। इसके बाद दो किसानों खानपुर के तरसेम व रसूलपुर के हरविंद्र की सूखी धान को भी ना खरीदने व 1740 रुपये प्रति क्विंटल खरीदने की शिकायत पर मंत्री ने दोनों के आढ़तियों व डीएफएससी को निर्देश दिए कि एक बार ओर पंखा लगवाकर इन दोनों को पूरा न्यूनतम समर्थन मूल्य दिया जाए। हालांकि इनमें भी नमी 17 प्रतिशत से अधिक थी। इसके बाद मंत्री ने एक कांटे की भी जांच की। जिसमें 3 बोरियां तोल कर देखी गईं, सभी में वजन संतोषजनक पाया गया। इस मौके पर एसडीएम कमलप्रीत कौर, डीएफएससी नीरज शर्मा, मनीष कठवाड़, सुरेश क्योड़क, कुमारी संगीता व मंडी के प्रधान कृष्ण मित्तल मौजूद रहे।