अनाज मंडियों में धान की लूट का आरोप लगा किसानों ने किया प्रदर्शन
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अमर उजाला ब्यूरो
ढांड। अनाज मंडियों में धान की लूट का आरोप लगा शुक्रवार को भाकियू प्रदेश महासचिव भूरा पबनावा व युवा प्रदेशाध्यक्ष विक्रम कसाना के नेतृत्व में किसानों ने मार्के ट कमेटी कार्यालय में प्रदर्शन किया। इस दौरान किसानों ने सरकार व कमेटी अधिकारियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की। पबनावा ने सरकार पर आरोप लगाया कि एक साजिश के तहत किसानों को व्यापारियों के हाथों लुटवाने का काम कर रही है। किसानों ने सरकार द्वारा प्रतिबद्ध समय 15 जून के बाद धान की रोपाई की। जोकि 90 दिनों में पककर तैयार हो गई। जब मंडियों में पीआर धान आ चुकी है तो सरकार को उसकी उसी दिन से सरकारी खरीद सुनिश्चित करनी चाहिए। जबकि सरकार एक अक्तूबर से खरीद करने का राग अलाप रही है जोकि किसानों को बर्बाद कर देगा। इस समय मंडियां पीआर धान से अटी हुई है। राइस मिलर्स मार्केट कमेटी अधिकारियों की मिलीभगत से धान को औने पौने दामों में लूटने का काम कर रहे है। जिससे किसानों को भारी भरकम आर्थिक नुकसान सहना पड़ रहा है और सरकार चुपचाप इसे देख रही है। पबनावा ने सरकार को चेतावनी दी है कि आज ही तुरंत प्रभाव से पीआर धान की न्यूनतम समर्थन मूल्य पर सरकारी खरीद शुरू करवाई जाए अन्यथा भाकियू सड़क जाम करने को मजबूर होगी। कमेटी सचिव की गैर मौजूदगी में भाकियू ने मुख्यमंत्री के नाम मांगों को एक ज्ञापन कार्यालय कर्मचारी को सौंपा जिसमें मांग की गई है कि 1509 धान की प्रतिदिन सुबह 9 से 5 बजे तक बोली करवाई जाए, पीआर की सरकारी खरीद शुरू की जाए, बिक्री के बाद जे. फार्म दिया जाए, दूसरे प्रदेशों से हरियाणा की मंडियों में पीआर धान पर रोक लगाई जाए, मंडियों में बिजली,पानी तथा सफाई का विशेष प्रबंध किया जाए।
मार्किट कमेटी सचिव हकीकत कादियान ने बताया कि भाकियू द्वारा मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन उनकी गैर मौजूदगी में कार्यालय कर्मचारी को सौंपा गया है जिसको उचित माध्यम से मुख्यमंत्री के पास पहुंचा।