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हड़ताल के कारण जमा हुई गंदगी से डेंगू, मलेरिया फैलने की आशंका, पूरे शहर में गंदगी का आलम
सफाई ना होने के कारण हो चली हैं परेशानियां, स्वास्थ्य विभाग कर रहा है जागरूकता का आह्वान
ग्राउंड स्तर पर तैयारियों की रिपोर्ट
फोटो नंबर-10 से 12
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। नगर पालिका के सफाई कर्मचारियों की हड़ताल के चलते शहर में चारों ओर कचरे के ढेर लगे हैं। वहीं डेंगू व मलेरिया जैसी बीमारियों ने भी दस्तक दे दी है। हड़ताल खुलने के बाद यदि शीघ्र ही कचरा नहीं हटाया गया तो शहर में बीमारियां फैल सकती हैं। वहीं स्वास्थ्य विभाग के पास इन बीमारियों से लड़ाई के लिए पर्याप्त संसाधनों की भारी कमी है। जिला प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग गर्मी के इस सीजन में डेंगू व मलेरिया को लेकर जागरूकता के लिए प्रयास कर रहा है, लेकिन ग्राउंड स्तर पर विभाग के पास डेंगू व मलेरिया से बचने के लिए फोंगिंग मशीन भी पर्याप्त संख्या में नहीं है।
शहर में यह है गंदगी की स्थिति:
शहर में मुख्य रूप से रिहायशी इलाकों में गंदगी का आलम है। इसमें कमेटी चौक, तलाई बाजार, रेलवे गेट, खुराना रोड, अमरगढ़ गामड़ी, नानकपुरी कालोनी, अशोका गार्डन, नेहरू गार्डन, प्रताप गेट, अर्जुन नगर, डोगरा गेट सहित अन्य रिहायशी कालोनियों में गंदगी का आलम है। जिस कारण यहां पर डेंगू व मलेरिया जैसी भयानक बीमारियों के फैलने का भय बना है।
संसाधनों का बड़ा अभाव:
जिला में स्वास्थ्य विभाग के अनुसार कुल 16 फोंगिंग मशीनों की जरूरत है, लेकिन नगर परिषद के पास तीन, मलेेरिया विभाग के पास दो मशीनें है। ऐसे में यहां पर फोंगिग के लिए कई कालोनियों के लोगों को सचेत रहना पड़ेगा।
सफाई कर्मचारी ही हड़ताल पर तो कैसे होगी फोंगिंग
अपनी मांगों के समर्थन में नगर परिषद के कर्मचारी ही हड़ताल पर हैं, तो फोंगिंग कैसे करवाई जाएगी। यह भी नगर परिषद के लिए एक बड़ा सवाल है। शहरवासी राहुल ने कहा कि गंदगी के कारण लोगों का जीना दुश्वार हो चुका है। गर्मी में पहले ही लोगों को परेशानी हो रही है। वहीं गंदगी के कारण डेंगू व मलेरिया जैसी भयानक बीमारी फैलने का भय बना हुआ है।
स्प्रे की मशीनों का प्रबंध करने का काम ग्राम पंचायत व नगर पालिकाओं का है। स्वास्थ्य विभाग केवल तकनीकी सहायता व दवा देता है। दवाओं की कोई कमी नहीं है। एंटी लारवा एक्टिविटी शुरू कर दी हैं। यदि किसी वजह से कोई स्वास्थ्य संबंधी दिक्कत आती है तो विभाग उससे निपटने को पूरी तरह से तैयार है।
जसबीर सिंह पूनिया, सीएमओ, कैथल।