साहिबजादों के जन्मदिवस को बाल दिवस के रूप में मनाने की मांग
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। नीम साहिब गुरुद्वारे में हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की अहम बैठक हुई। जिसमें प्रदेशभर से सिख व धर्म प्रचार कमेटी के पदाधिकारियों व सदस्यों ने भाग लिया। इस बैठक में सभी की सहमति से पांच एजेंडे पास किए गए। हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी प्रदेशाध्यक्ष जगदीश सिंह झींडा ने कहा कि 14 नवंबर को मनाए जाने वाले बाल दिवस की तर्ज पर 24 से 30 दिसंबर तक गुरु गोबिंद सिंह व चार साहिबजादों का शहीदी दिवस को बाल दिवस के रूप में मनाया जाए। गुरु गोबिंद सिंह व साहिबजादों ने हिंदुस्तान के लिए अपने कुर्बानी दी है।
झींडा ने कहा कि इस प्रस्ताव को लेकर उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर संसद में पास करते हुए लागू करने की मांग की है।
बड़े साहिबजादे अजीत सिंह व जोजार सिंह ने 24 दिसंबर को चमकौर साहिब में लड़ाई लड़ते हुए कुर्बानी दी थी। 12 हजार अंग्रेज सैनिकों से दस सिखों ने लड़ते हुए विजय हासिल की। 25 दिसंबर को छोटे साहिबजादे फतेह सिंह व जोरावर सिंह ने फतेहगढ़ साहिब सरहंद में कुर्बानी दी। उन्होंने कहा कि हरियाणा शिक्षा बोर्ड व सीबीएसई के पाठ्यक्रम में गुरु गोबिंद सिंह व साहिबजादों का इतिहास पढ़ाया जाए। हरियाणा शिक्षा बोर्ड में आठवीं कक्षा व सीबीएसई में दसवीं कक्षा के पाठ्यक्रम में यह शामिल था, लेकिन पिछले साल से इसे हटा दिया गया है। मुख्यमंत्री मनोहर लाल से मांग है कि पाठ्यक्रम से इस विषय को हटवाने को लेकर जांच करते हुए इसे दोबारा से शामिल किया जाए। उन्होंने कहा कि कनाडा व इंग्लैंड में जब सिखों का इतिहास पढ़ाया जा सकता है तो हिंदुस्तान में क्यों नहीं। इससे युवा पीढ़ी को प्रेरणा मिलेगी। आने वाली पीढ़ियों को सिखों के इतिहास के बारे में जानकारी मिलेगी। उन्होंने कहा कि हरियाणा में बैसाखी के दिन पहले सरकारी अवकाश होता था, लेकिन इसे बंद कर दिया है। यह सिखों का एक तरह से अपमान है। सिखों की भावना आहत हुई है। सरकार ने यह फैसला लेते हुए विधानसभा में सिख विधायक बख्शीश सिंह विर्क, जसविंद्र सिंह संधु की भी राय नहीं ली। उनकी मांग है कि सरकार अपने इस फैसले को वापस लेते हुए बैसाखी पर्व पर सरकारी अवकाश हरियाणा में घोषित करे।
झींडा ने कहा कि व्यापार, प्राकृतिक, मौसम में परिवर्तन चैत्र माह में नया साल वर्षों से मानते आ रहे हैं। एक जनवरी को मनाया जाने वाला साल अंग्रेजों की देन है। हमें अंग्रेजों के इस नए साल को न मनाते हुए चैत्र माह की शुरूआत वाली एक तारीख को नया साल मनाना चाहिए। केंद्र सरकार को संसद में यह प्रस्ताव पास करते हुए लागू किया जाना चाहिए।
झींडा ने कहा कि देश में पंजाबी व हिंदी भाषा की अनदेखी हो रही है। इंग्लैंड व कनाडा जैसे प्रदेश में पंजाबी भाषा को दूसरी भाषा का दर्जा दिया गया है। हमारी मांग है की भारत में हिंदी का पहला स्थान, पंजाबी को दूसरी भाषा मानते हुए कानून पास किया जाना चाहिए। अंग्रेजी को तीसरे स्थान पर रखा जाए।
इस अवसर पर सीनियर उप प्रधान दीदार सिंह नवली, जोगा सिंह महासचिव, सुखविन्द्र सिंह, जरनैल सिंह, बलवंत सिंह फौजी, अवतार सिंह चक्कू, सुरेन्द्र सिंह शाह, जगा सिंह पिहोवा सहित अन्य धर्म प्रचारक सदस्य मौजूद रहे।
अकाली दल हरियाणा में चुनाव लड़ने से पहले एसवाईएल के पानी पर स्टैंड क्लीयर करें : झींडा ने कहा कि अगर पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल को हरियाणा में चुनाव लड़ना है तो एसवाईएल के पानी पर अपना स्टैंड साफ करें। हरियाणा में सिख समुदाय के लोग रहते हैं। पानी की जरूरत उनको भी है। बादल सिख समाज को तोड़ने का प्रयास कर रहे हैं। लेकिन हरियाणा के सिख एक हैं। वह चुनाव लड़े तो उनको पता चल जाएगा कि दोगली नीति हरियाणा के अंदर नहीं चलेगी।
कैथल में हुई हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक
पांच एजेंडे पास किए, गुरुद्वारा नीम साहिब में हुई कमेटी की बैठक
फोटो नंबर- 38