ममता हुई शर्मसार : तीन वर्ष की मंदबुद्धि बच्ची को सरकारी अस्पताल के ओपीडी में लावारिस हालत में छोड़ा
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। सामान्य अस्पताल में शनिवार को ममता को शर्मसार करने वाले एक वाकये के बीच एक महिला ओपीडी में 3 साल की मासूम मंदबुद्धि बच्ची को छोड़ कर चली गई। बच्ची बोलने में सक्षम नहीं हैं। सूचना मिलने पर बाल संरक्षण समिति ने मौके पर पहुंच कर बच्ची को संभाला।
शनिवार को दोपहर 12 बजे अस्पताल में एक व्यक्ति और एक औरत एक छोटी बच्ची के साथ आए। ओपीडी के पास बैठकर कुछ बातें करने लगे। लेकिन कुछ देर बाद वहां पर बैठा व्यक्ति उठकर चलता बना। बच्ची के पास बैठी महिला ने अपने पास बैठी महिलाओं को बताया कि वह व्यक्ति दवाई लेने के लिए बाहर गया है। उस औरत ने बच्ची को वहीं पर रखे बेंच पर सुला दिया। बच्ची के सो जाने के बाद करीब 12:30 बजे महिला वहां से उठ कर चली गई। बच्ची जब होश में आई तो अपने मां-बाप को अपने पास न पाकर रोने लगी। वहां पर बैठी महिलाओं ने वहां मौजूद सिक्योरिटी गार्ड राकेश को बुलाया। सिक्योरिटी गार्ड ने बच्चे को देखा और आसपास उसके मां-बाप को ढूंढने की कोशिश की लेकिन वह नहीं मिले। सिक्योरिटी गार्ड ने वहां मौजूद पुलिस स्टेशन में जानकारी दी। बच्ची को चेकअप के लिए डॉक्टर के पास ले जाया गया। डॉक्टर ने बच्चे को चेक किया और उसे स्वस्थ करार दिया। बच्ची मंदबुद्धि बताई जा रही है। साथ ही वह बोलने में भी अक्षम है।
सिक्योरिटी गार्ड राकेश ने बताया कि वह एक मोटी महिला थी जिसने पीले रंग के कपड़े पहने थे। जिसकी उम्र लगभग 32-33 वर्ष के आसपास थी। डा. संदीप ने बताया कि बच्ची का चेकअप कर लिया है। बच्ची स्वस्थ है, लेकिन यह बचपन से मंदबुद्धि है। इसके शरीर का विकास तो हुआ है लेकिन बुद्धि का विकास नहीं हुआ।
बाल संरक्षण समिति सदस्य ऋतु सिंगला ने बताया कि बच्ची को सिविल अस्पताल में रखा गया है। उसका मेडिकल परीक्षण करवाया जाएगा। इसके बाद डीसी की अनुमति से अगला फैसला लिया जाएगा।