कैथल। गांव पिलनी के शुभम ने कुछ लोगों पर कनाडा भेजने के नाम पर 10 लाख रुपये की ठगी करने का आरोप लगाया है। आरोपी उसे कनाडा की बजाय बैंकाक-वियतनाम घुमाते रहे और उसको होटल में बंदी बनाया लिया। पुलिस ने शिकायत के आधार पर केस दर्ज कर लिया है।
गांव पिलनी निवासी शुभम कुमार ने पुलिस को दी बताया कि वह अपनी बहन के घर गांव बाता में गया हुआ था। पांच जुलाई 2024 को कलायत निवासी जिन्दर राणा मिला। उसने मुझे बताया कि वह लोगो को विदेश भेजने का काम करता है। मैं भी काम करने के लिए विदेश कनाडा जाना चाहता था। जिन्दर राणा को कहा कि कल आप मेरे घर आ जाना और मेरी मां से बात करके ही मैं अपनी बात पक्की करूंगा। छह जुलाई को जिन्दर राणा हमारे गांव में हमारे घर पर आया और मेरी मां से बात करी जो हमारी बात विदेश कनाडा जाने के नाम पर 16 लाख में पक्की हो गयी और मुझे अगले ही दिन 7 जुलाई को 7000 डालर के साथ व सामान के साथ दिल्ली बुलाया। होटल में मुझे जिन्दर राणा व बहादुर राणा मिला जो बहादुर उर्फ रिक्की ने मुझे कहा कि तेरा आगे का काम हम दोनों करेंगे। वहां से बुकिंग देकर बैंकाक में भेज दिया। दो दिन बाद रिक्की राणा उर्फ बहादुर मेरे पास बैंकाक में आ गया और एक होटल ले लिया और मुझे कहा कि जिन्दर राणा भी एक या दो दिन मे आ जाएगा। 12 जुलाई को जिन्दर राणा रात को बैंकाक हमारे होटल में आया। 14 जुलाई को मेरे पास पुषपेन्द्र शर्मा हमारे पास होटल में आया और इन तीनों ने आपस में अलग कमरे मे सलाह मशवरा किया और मुझे आकर कहा कि आपने हमारे को कल तक 10 लाख रुपये देने पड़ेंगे तभी आपका वीजा अप्लाई किया जाए और आपको बैंकाक से आगे सीधा कनाडा भेज दिया जाएगा। मेरे पास रखे 6500 डालर व 2 लाख पुषपेन्द्र शर्मा के अकाउंट में ट्रांसफर किये।
बैंकाक से वियतनाम भेजा
साढे सात लाख रुपये देने के बाद गजेन्द्र राणा ने मुझे कहा कि इतने पैसों से काम नही चलेगा। कम से कम एक लाख रुपये और मेरे खाता में डलवा दो। इस पर उसने मां से बात की और उन्होंने ब्याज पर पैसे लाकर मेरे खाता में डाले और 95 हजार रुपये ट्रांसफर कर दिये। आरोपी कहा कि हमने तेरा वीजा अप्लाई कर दिया है जो जल्दी ही आ जाएगा तब हम तुम्हारी टिकट करवा देंगे और कनाडा भेज देंगे। लेकिन जब मेरे को एक महीना बैंकाक में रहते हुए हो गया तो मैंने रिक्की राणा को कहा कि मेरे को वापस मेरे घर पर भेज दो मुझे नही कही पर जाना है। उसके बाद रिक्की राणा ने मुझे एक और टिकट 10 अगस्त 2024 को लाओस (वियतनाम की) दी और कहा कि तेरा को लाओस जाकर तेरा वीजा कनाडा का पुषपेन्द्र देगा। जब मुझे लगा कि ये मुझे कही नहीं भेजेंगे तो मैंने मेरी अपनी मां से कहा कि मां मुझे वापस बुला लो । इस दौरान पुषपेन्द्र ने मुझे होटल में बंदी बना लिया और मेरा पासपोर्ट भी होटल वालों ने रखा लिया। आरोपियों ने मुझसे कहा कि पहले सारे पैसे दो फिर तुझे यहां से जाने देंगे। 30 अक्टूबर को अपने घर से 90 हजार मंगवाए सबसे पहले होटल वाले 80 हजार रुपये देकर अपना पासपोर्ट लिया, और होटल वाले से ही अपनी टिकट बुक करवाकर 31 अक्टूबर को सीधा एयरपोर्ट पहुंचा। जहां पर जाकर मुझे पता चला कि मैं लाओस में ओवरस्टे हो चुका हूँ फिर मैंने उसी समय पैसे मंगवाकर और अपना ओवरस्टे कलीयर कर के इंडिया पहुंचा। उसके पैसे भी वापस नहीं किए। संवाद