गुहला-चीका। बुधवार सुबह हल्की बूंदाबांदी के बाद दोपहर के समय गुहला-चीका और आसपास के गांवों में ओलावृष्टि से उन किसानों को भारी नुकसान हुआ है, जिनकी फसल अभी कटी नहीं है। वहीं अनाज मंडी में भी करीब 10 लाख कट्टे गेहूं उठान के इंतजार में हैं।
बुधवार सुबह हल्की बूंदाबांदी हुई थी। इसके बाद दिन भर बादल छाए रहे। बाद दोपहर अचानक फिर मौसम बदला और हल्की बूंदाबांदी के बीच ओलावृष्टि शुरू हो गई। गुहला के अलावा गांव चीका, हरिगढ़ किंगन, भागल, दाबा, चाबा, सरौला, मलिकपुर, रत्ताखेड़ा सहित आस-पासके दर्जनभर गांवों में ओलावृष्टि हुई। जिससे उन किसानों को दिक्कतें हुई हैं, जिनकी फसल की कटाई शेष है। साथ ही फसल काटने के बाद तूड़ा बनाने में भी परेशानी आएगी।
अनाज मंडी के आढ़ती अशोक गर्ग, नरेश कुमार, संजीव कुमार ने कहा कि धीमे उठान के चलते गेहूं की हजारों बोरियां खुले आसमान के नीचे पड़ी हैं लेकिन न तो खरीद एजेंसियों और न ही ठेकेदार को इस बात की जरा भी चिंता है। आढ़तियों ने सरकार से मांग की है कि लदान के कार्य में तेजी लाई जाए ताकि खुले आसमान के नीचे पड़ी गेहूं को सुरक्षित गोदामों में पहुंचाया जा सके।
मार्केट कमेटी सचिव नरेंद्र कुमार ने बताया कि चीका मंडी में कुल 12 लाख क्विंटल गेहूं की आवक हुई है। इसमें से छह लाख कट्टों का उठान किया जा चुका है। लगभग दस लाख कट्टे अभी उठान के इंतजार में हैं। प्रयास किया जा रहा है कि जल्द से जल्द गेहूं का उठान करवाया जाए।