सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग मंत्रालय भारत सरकार लघु एवं मध्यम उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए सब्सिडी देने की योजना शुरू की है।
जिसके तहत 10 उद्योग संचालकों के समूह को उद्योग में उत्पादन बढ़ाने की ट्रेनिंग देने के लिए कंसलटेंट नियुक्ति में 80 प्रतिशत की सब्सिडी राशि दी जाएगी।
इसके तहत 10 उद्योग मालिकों के समूह को अधिकतम 36 लाख रुपये की राशि बतौर सब्सिडी मुहैया कराई जाएगी। ताकि उद्योग मालिकों को कंसल्टैंट के माध्यम से अत्याधुनिक तकनीक, उत्पादन में लागत को कम करने की ट्रेनिंग, पूरा उत्पादन लिए जाने की बारीकियां सीखाई जाएंगी।
यह जानकारी करनाल के कुंजपुरा रोड स्थित एमएसएमई के सहायक निदेशक संजय निगम ने दी। वे सोमवार को लखनपाल होटल में ऑयल मिल मालिकों को योजना को लेकर आयोजित ट्रेनिंग कार्यक्रम में मिल मालिकों को संबोधित कर रहे थे।
निगम ने बताया कि इस योजना के तहत उद्योग संचालकों को कई प्रकार की जानकारी कंसलटेंट के माध्यम से दी जाएंगी।
जिसमें उन्हें उत्पादन में कम से कम बिजली की लागत, आधुनिक तकनीक का प्रयोग करते हुए उत्पादन करने, नई मशीनों की जानकारी दिए जाने सहित कई प्रकार की जानकारियां दी जाएंगी।
यह सभी प्रकार के लघु एवं मध्यम उद्योगों के लिए है। जिसके तहत सबसे पहले कैथल में ऑयल मिल एसोसिएशन को इस बारे में जानकारी देने के लिए यह ट्रेनिंग कार्यक्रम आयोजित किया गया है। उन्होंने बताया कि योजना के तहत कैथल में ऑयल मिल के दो ग्रुप बनने की संभावनाएं हैं।
जिन्हें उत्पादन बढ़ाने के लिए 36 लाख की सब्सिडी के लिए चयनित किया जा सकता है। इसमें 80 प्रतिशत राशि अनुदान होगा, शेष मिल मालिक वहन करेंगे। शीघ्र ही अन्य उद्योगों के लिए भी कार्यक्रम किया जाएगा।
मौके पर ऑयल मिल के प्रधान शिवनारायण गोयल, कोषाध्यक्ष राकेश गुप्ता, सुरेंद्र जैन, सरंक्षक राधेश्याम मलिकपूरिया, जगदीश सैनी, सुभाष बंसल, कुलदीप मलिकपूरिया, बैशाखी राम, बीरभान गर्ग, श्याम लाल मंगला सहित अन्य मिल मालिक मौजूद थे।