कैथल। सामान्य पात्रता परीक्षा (सीईटी) में पहले दिन शनिवार को 10 हजार 512 परीक्षार्थी गैर हाजिर रहे। कुल 30 हजार 600 उम्मीदवारों में से 20 हजार 088 अभ्यर्थी ही परीक्षा देने पहुंचें। लिखित परीक्षा के प्रात: कालीन सत्र में 15 हजार 300 परीक्षार्थियों में से 9985 ने तथा सायं कालीन सत्र में 15 हजार 300 परीक्षार्थियों में से 10 हजार 103 ने परीक्षा दी। परीक्षा के बाद बातचीत के दौरान ज्यादातर अभ्यर्थियों के चेहरे खिले नजर आए।
इससे पहले सभी परीक्षा केंद्रों के प्रवेश द्वार पर जांच-पड़ताल के बाद परीक्षार्थियों को अंदर प्रवेश की स्वीकृति दी गई। सभी परीक्षा केंद्रों में मोबाइल जैमर, सीसीटीवी कैमरे लगाए गए थे तथा लिखित परीक्षा की वीडियोग्राफी भी करवाई गई। लिखित परीक्षा के लिए पर्याप्त संख्या में सुरक्षा बल तैनात किए गए थे तथा प्रशासनिक अधिकारियों की टीमें गठित की गई थी। डीसी डा. संगीता तेतरवाल ने बताया कि परीक्षा के दौरान परीक्षा केंद्रों के बाहर स्थित फोटो स्टेट की दुकानों पर विशेष नजर रखी गई थी। परीक्षा के दौरान परीक्षा केंद्रों की 200 मीटर की परिधि में स्थित फोटो स्टेट की दुकानें बंद रखने के आदेश जारी किए गए हैं। लिखित परीक्षा के लिए सुरक्षा के व्यापक प्रबंध किए गए।
उन्होंने बताया कि छह नवंबर को भी प्रात: कालीन सत्र 10 बजे से लेकर 11:45 बजे तक चलेगा। इसके लिए विद्यार्थी 9:30 बजे तक परीक्षा केंद्र में प्रवेश कर लें। इसी प्रकार दूसरा सत्र दोपहर बाद तीन बजे से 4:45 बजे तक चलेगा। इसके लिए विद्यार्थी 2:30 बजे तक परीक्षा केंद्र में प्रवेश कर सकते हैं।
विभिन्न रूटों पर चलीं 416 बसें
कैथल। शनिवार को जिले में बसों को लेकर परीक्षार्थियों को किसी तरह की कोई परेशानी सामने नहीं आई। दिनभर बस अड्डे पर रोडवेज, स्कूल व सहकारी समिति की कई बसें खाली खड़ी रहीं। रोडवेज में कैथल डिपो की ओर से प्रदेश में विभिन्न रूटों पर 416 बसें चलाई गई। इनमें से 79 बसें स्कूलों की रही, 114 सहकारी समिति की और अन्य बसें रोडवेज की शामिल की गई। रोडवेज डिपो में 180 से ज्यादा परिचालकों और 200 से अधिक चालकों की दिन रात की ड्यूटी लगाई गई। करनाल, सिरसा , फतेहाबाद, अंबाला, जींद और हिसार से अभ्यर्थी कैथल के केंद्रों में परीक्षा देने पहुंचे।
बस अड्डा पर सुबह तीन बजे ही परीक्षार्थियों की भीड़ जुटना शुरू हो गई थी। भीड़ को देखते हुए सुबह ही पुलिस कर्मचारी व अधिकारी सुरक्षा व्यवस्था को बनाए हुए दिखाई दिए। कुछ यात्रियों ने रातभर अड्डा पर ही गुजारी। सुबह तीन बजे आरटीए गिरीश अरोड़ा व जीएम अजय गर्ग मौके पर पहुंचे। सभी काउंटरों पर निजी व रोडवेज की बसों की जांच की। परीक्षार्थियों को लाने व ले जाने के लिए निजी व स्कूल की बसें ज्यादा दिखाई दी। सभी बसों को काउंटर पर लगाया गया। सिरसा, चंडीगढ़, गुड़गांव, हिसार, करनाल सहित लंबे रूटों पर सुबह जल्दी बसों को रवाना किया। इस दौरान परीक्षार्थियों को कोई ज्यादा परेशानी होती नजर नहीं आई। जैसे ही बस भर जाती, उसी समय दूसरी बस को उसकी जगह खड़ा कर परीक्षार्थियों को बैठाकर रवाना किया गया।
परीक्षार्थियों के साथ बच्चों ने भी ठंड में गुजारी रात
बस अड्डा पर परीक्षार्थियों के साथ बच्चों ने भी ठंड में रात गुजारी। परीक्षार्थी बच्चों के साथ भोजन व पानी का प्रबंध कर पहुंचे। बस अड्डा पर ही परीक्षार्थी आराम करते हुए नजर आए। कई परीक्षार्थियों ने बस अड्डे पर ही रात बीताई। वहीं कुछ परीक्षार्थी सुबह के समय जल्दी दूसरे जिलों से आई बसों में सवार होकर कैथल पहुंचें। मौके पर रोडवेज विभाग की ओर से अनाउंसमेंट की जा रही थी। जिसमें परीक्षार्थियों को बसों के बारे में जानकारी दी गई। मौके पर ही एक हेल्प डेस्क भी स्थापित किया। जहां से परीक्षार्थियों को हर संभव जानकारी दी गई।