युवक के भाई बलजीत ने पुलिस को दिए बयान में बताया कि उनका छोटा भाई प्रदीप करीब डेढ़ साल से कृष्णा कॉलोनी में किराए के मकान में आशी नाम की महिला के साथ सहमति संबंध (लिव-इन रिलेशनशिप) में रह रहा था। आशी के दो बच्चे हैं जिनका पालन-पोषण प्रदीप ही कर रहा था।
करीब 7-8 दिन पहले आशी बिना बताए प्रदीप को छोड़कर कैथल के गांव तारागढ़ स्थित अपनी ससुराल चली गई। जब प्रदीप उसे लेने तारागढ़ गया तो वहां आशी और उसके पति राकेश ने प्रदीप के साथ मारपीट की।
आरोप लगाया कि मारपीट की घटना के बाद आरोपियों का हौसला और बढ़ गया। 25 मई को अजीत, आशी और महिला के पति राकेश ने खुद को पुलिस ऑफिसर बताते हुए प्रदीप को फोन किया। उसे डराया-धमकाया और जान से मारने की धमकी दी।
परेशान होकर प्रदीप ने 27 मई को मकान में ही जहरीला पदार्थ खाकर जान दे दी। सूचना मिलते ही डॉ. धर्मेंद्र के नेतृत्व में सीन ऑफ क्राइम की टीम तुरंत मौके पर पहुंची। जांच के दौरान पुलिस को कमरे से एक कॉपी मिली। इसमें प्रदीप ने सुसाइड नोट लिखा था। पुलिस ने सुसाइड नोट, मोबाइल और जहर के पाउच बरामद बरामद किए।
नागरिक अस्पताल में शव का पोस्टमार्टम करवा परिजनों को सौंप दिया है। महिला आशी, उसके पति राजेश और एक अन्य अजीत नामक व्यक्ति के खिलाफ 30 वर्षीय प्रदीप को आत्महत्या के लिए मजबूर करने के आरोप में एफआईआर दर्ज कर ली है। -संजय, जांच अधिकारी, शहर पुलिस थाना जींद