फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

नवजात का आधार बनवाने के लिए घंटो करना पड़ता है इंतजार

विज्ञापन
लाइन के बीच में ही नवजात को लेकर बैठी महिला। - फोटो : Jind
विज्ञापन
नागरिक अस्पताल परिसर में स्थापित आधार कार्ड सेंटर पर अपनी बारी के इंतजार में नवजात को लेकर माताएं घंटों बैठी रहती हैं। जिसकी वजह से उनको समस्या होती है। इससे नवजात बच्चों के शरीर पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता ही है। साथ ही माताओं को भी परेशानी होती है। नियमों के अनुसार यह आधार कार्ड सेंटर इसलिए खोला गया था ताकि नवजात बच्चों के साथ-साथ माताओं को भी परेशानी नहीं हो, लेकिन शहर भर से लोग यहां लंबी-लंबी लाइनें लगाकर खड़े रहते हैं।
विज्ञापन

नागरिक अस्पताल में जन्म लेने वाले बच्चों को तुरंत आधार कार्ड बन सके, इसके लिए नागरिक अस्पताल परिसर में आधार कार्ड सेंटर खोला गया था। आधार कार्ड सेंटर पर नवजात बच्चों का नंबर सबसे पहले लगना होता है, लेकिन इस सेंटर पर अपने नवजात बच्चों को लेकर माताएं कई-कई घंटे बैठी रहती हैं। उनका नंबर मुश्किल से आता है। इतनी देर में खुद माताएं व नवजात बच्चे बहुत परेशान हो जाते हैं। इसके अलावा शहर भर से आने वाले लोग यहां पर लंबी-लंबी लाइनें लगाकर खड़े हो जाते हैं। अपना नंबर लगवाने के चक्कर में इस आधार कार्ड सेंटर पर कई बार हंगामा भी हो चुका है। इस आधार कार्ड सेंटर पर नया आधार कार्ड बनाने, आधार कार्ड में संशोधन करवाने या फोटो अपडेट करवाने के कार्य होते हैं।
आधार कार्ड सेंटर नागरिक अस्पताल में स्थापित करवाने का उद्देश्य यही है कि यहां नवजात बच्चों तथा उनकी माताओं को परेशानी नहीं होनी चाहिए। बेशक आधार कार्ड संचालक अन्य लोगों के भी आधार कार्ड बनाएं, लेकिन किसी नवजात बच्चों को इंतजार नहीं करवाना चाहिए। सेंटर संचालक को बुलाकर इस बारे में निर्देश दिए जाएंगे। अन्य लोगों को भी नैतिकता के आधार पर नवजात का नंबर पहले लगवाना चाहिए।
विज्ञापन
विज्ञापन

डॉ. गोपाल गोयल, एसएमओ नागरिक अस्पताल।

अपनी बारी की इंतजार में अपने नवजात बच्चे को लेकर बैठी एक महिला।- फोटो : Jind

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें