फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Jind News: 17 जुलाई को जींद से दौड़ेगी विश्व की सबसे लंबी हाइड्रोजन ट्रेन

विज्ञापन
फोटो 08जेएनडी6-जींद जंक्शन पर खड़ी हाइड्रोजन ट्रेन, जिनका 17 जुलाई को उद्घाटन होगा। संवाद - फोटो : Healt Department
विज्ञापन
जींद। जींद से 17 जुलाई को विश्व की सबसे लंबी और सबसे शक्तिशाली हाइड्रोजन ट्रेन का संचालन होगा। फिर भारत उन चुनिंदा देशों की श्रेणी में शामिल हो जाएगा जहां हाइड्रोजन ईंधन से संचालित यात्री ट्रेनें चल रही हैं।
विज्ञापन

दुनिया में हाइड्रोजन ट्रेन चलाने वाले प्रमुख देशों में जर्मनी, चीन, जापान, स्वीडन, फ्रांस, ब्रिटेन के बाद भारत भी शुमार हो गया है। हाइड्रोजन ट्रेन की सबसे बड़ी विशेषता इसकी 2400 किलोवाट की क्षमता है जो इसे दुनिया की सबसे शक्तिशाली हाइड्रोजन ट्रेन बनाती है। ट्रेन एक बार में 2600 से अधिक यात्रियों को ले जा सकती है।
ट्रेन में आधुनिक सुरक्षा प्रणाली, बेहतर यात्री सुविधाएं और पर्यावरण अनुकूल तकनीक का समावेश किया गया है। कोच में तापमान सेंसर, आधुनिक शौचालय और वॉशबेसिन लगाए गए हैं। नीले रंग के आरामदायक गद्दे, छत पर आधुनिक पंखे और एलईडी लाइट पैनल हैं।
विज्ञापन

सिर्फ बैठने ही नहीं बल्कि खड़े होकर सफर करने वाले यात्रियों के पकड़ने के लिए नीले रंग के मजबूत हैंडग्रिप्स लगाए गए हैं। जींद का हाइड्रोजन प्लांट और यहां विकसित की गई तकनीक देश के लिए एक नई पहचान बनेगी। इस परियोजना के सफल संचालन के बाद अन्य रेलखंडों पर भी हाइड्रोजन ट्रेनों के संचालन की संभावनाओं पर काम किया जाएगा।
भारत बना हाइड्रोजन ट्रेन विकसित करने वाला दुनिया का सातवां देश
जर्मनी हाइड्रोजन ट्रेनों की शुरुआत करने वाला दुनिया का पहला देश है। इसके अलावा चीन एशिया का पहला और दुनिया का दूसरा देश है जहां शहरी क्षेत्रों में हाइड्रोजन संचालित ट्रेनों का परिचालन हो रहा है। अब भारत दुनिया का सातवां देश बन गया है जिसने हाइड्रोजन ट्रेन को विकसित किया है। भारत की पहली स्वदेशी हाइड्रोजन ट्रेन हरियाणा में जींद-सोनीपत रूट पर चलाई जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें