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Jind News: डिप्टी स्पीकर के आवास का घेराव करेंगे मजदूर

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20जेएनडी02: बैठक में मौजूद मनरेगा मजदूर । स्रोत मजदूर
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जींद। संयुक्त निर्माण मजदूर मोर्चा की शुक्रवार को जिला प्रधान जोगिंद्र ईगराह की अध्यक्षता में बैठक हुई। इस दौरान मोर्चा ने कहा कि यदि उनकी मांगों को पूरा नहीं किया गया प्रदेश भर के मजदूर सड़कों पर उतरने को मजबूर होंगे।
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जोगिंद्र ईगराह ने कहा कि 17 जनवरी को डिप्टी स्पीकर डॉ. कृष्ण लाल मिड्ढा के आवास पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर ज्ञापन सौंपा गया था। उस समय डिप्टी स्पीकर ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से वार्ता कर जल्द समाधान का भरोसा दिया था लेकिन एक महीना बीत जाने के बाद भी स्थिति जस की तस बनी हुई है।
सरकार की इस उदासीनता से मजदूरों के परिवारों का पालन-पोषण और बच्चों की पढ़ाई बुरी तरह प्रभावित हो रही है। श्रम कल्याण बोर्ड का पोर्टल पिछले नौ महीनों से बंद है। पोर्टल बंद होने के कारण वजीफा राशि जारी नहीं हुई है और नए आवेदन भी नहीं हो पा रहे हैं।
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मोर्चा का आरोप है कि 90 दिनों की वेरिफिकेशन में हुए भ्रष्टाचार का बहाना बनाकर सरकार ने पोर्टल बंद कर दिया है। भ्रष्टाचार करने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई करने के बजाय मजदूरों को परेशान किया जा रहा है।
निर्माण मजदूर 22 फरवरी को डिप्टी स्पीकर के आवास का घेराव करेंगे। यदि समाधान नहीं निकला तो अंबाला कैंट में श्रम मंत्री अनिल विज के आवास पर राज्यस्तरीय प्रदर्शन किया जाएगा।
200 दिन का काम और 800 रुपये दिहाड़ी सुनिश्चित की जाए
मजदूरों ने मांग की है कि न्यूनतम मजदूरी को महंगाई के अनुसार संशोधित कर 26,000 रुपये मासिक किया जाए। क्योंकि 2015 के बाद से इसमें कोई बदलाव नहीं हुआ है। मनरेगा को कृषि से जोड़कर साल में 200 दिन का काम और 800 रुपये दिहाड़ी सुनिश्चित की जाए। मोर्चा ने चारों नए लेबर कोड को रद्द करने और 1996 के पुराने निर्माण मजदूर कानून को बहाल करने की भी पुरजोर मांग उठाई है। मोर्चा ने चेतावनी दी है कि मजदूरों के धैर्य की सीमा अब समाप्त हो चुकी है। यदि पोर्टल तुरंत नहीं खोला गया और रुके हुए लाभों का भुगतान नहीं हुआ, तो यह आंदोलन पूरे हरियाणा में उग्र रूप धारण कर लेगा।
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