जींद। अधिवक्ता प्रवीण बूरा से मारपीट के मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने के विरोध में सोमवार को भी जिला व उपमंडल बार एसोसिएशनों में वर्क सस्पेंड रहा। अधिवक्ताओं ने स्पष्ट किया कि जब तक आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होती तब तक हड़ताल जारी रहेगी। इससे अदालतों में न्यायिक कार्य प्रभावित रहा।
बार एसोसिएशन सफीदों के प्रधान परषोतम राणा, उपप्रधान सोहन सिंह, उपप्रधान शालिनी गुप्ता, सचिव बलिंद्र सिंह बैरागी और सहसचिव मुस्कान चौहान ने बताया कि 16 सितंबर की रात अधिवक्ता प्रवीण बूरा अपने गांव से जुड़ी बिजली की समस्या के संबंध में बिजली निगम के स्टेशन पर गए थे। आरोप है कि वहां उनके साथ मारपीट की गई।
घटना के विरोध में 20 सितंबर से जींद जिला, सफीदों और नरवाना बार एसोसिएशन की ओर से वर्क सस्पेंड किया जा रहा है। इसके बावजूद आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने से अधिवक्ताओं में रोष है। उन्होंने बताया कि मामले के मुख्य आरोपियों में शामिल मनीष की गिरफ्तारी अभी तक नहीं हुई है। पहले जिला अदालत में जमानत याचिका दायर की थी जिसे अदालत ने खारिज कर दिया था।
इसके बाद उसने हाईकोर्ट में याचिका लगाई। शुक्रवार को सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने भी उसकी जमानत याचिका खारिज कर दी। मामले में सभी आरोपियों को जल्द गिरफ्तार किया जाए और निष्पक्ष एवं शीघ्र जांच पूरी कर कानून के अनुसार कार्रवाई की जाए।