जींद। जींद विकास संगठन के अध्यक्ष डाॅ. राजकुमार गोयल ने अपनी टीम के साथ भिवानी रोड अंडरपास का दौरा किया और एक महीने से काम बंद होने पर सरकार और प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताई। उन्हाेंने कहा कि अंडरपास को बनाने में 3 साल का समय क्यों लग रहा है। प्रशासन यहां अंडरपास बना रहा है या फिर कोई कुतुब मीनार।
दिल्ली-बठिंडा रेलवे लाइन पर करीबन साढ़े 8 करोड़ रूपये की लागत से बनने वाला इस तीन मीटर ऊंचाई का अंडरपास अधर में लटका है। अक्तूबर 2015 में इस अंडरपास की घोषणा हुई थी। मई 2022 में एचएसआरडीसी ने इस अंडरपास के निर्माण के लिए टेंडर लगाया था।
दिसंबर 2022 में काम शुरू हुआ था। तब दावा किया गया था कि एक साल में यह अंडरपास बनकर तैयार हो जाएगा, लेकिन एक साल तो दूर यह अंडरपास तीन साल में भी पूरा नहीं हुआ है। आखिर यहां कितना बड़ा निर्माण करवाया जा रहा है जो सरकार और प्रशासन से तीन साल में भी पूरा नहीं हो पा रहा।
गोयल का कहना है कि रास्ता बंद होने से हजारों लोग प्रभावित हैं और हर रोज कई किलोमीटर लंबा रास्ता तय करने पर मजबूर है। वर्ष 2022 से यह रोड पूरी तरह से बंद है। इसके चलते वाहनों को इस रोड पर आने के लिए कई किलोमीटर दूर का रास्ता तय करना पड़ता है। रोड बंद होने की वजह से यहां के दुकानदारों के काम धंधे ठप हो चुके हैं। एचएसआरडीसी ठेकेदार की ओर से जो निर्माण कार्य शुरू किया हुआ था। वह पिछले एक महीने से पूरी तरह से बंद है। पता चला है कि यहां मुख्य कार्य रेलवे लाइन के नीचे का बचा है, जो कि रेलवे विभाग को करना है, लेकिन रेलवे विभाग ने काम शुरू नहीं किया है।
इस मौके पर संगठन के महासचिव राजकुमार भोला, वरिष्ठ उप प्रधान सावर गर्ग, कोषाध्यक्ष पवन बंसल, उप प्रधान मनजीत सिंह, कार्यकारी सदस्य संजय गर्ग मौजूद रहे।