मंगलवार शाम को लगभग पांच बजे बस स्टैंड के पार्क में लजवाना कलां निवासी 26 वर्षीय विवाहिता ने जहर खा लिया। जब उसकी तबीयत बिगड़ी तो आसपास के लोगों ने तुरंत इसकी जानकारी पुलिस को दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर महिला को नागरिक अस्पताल में दाखिल करवाया, जहां कुछ देर उसने दम तोड़ दिया। पुलिस को महिला के पास मिले आधार कार्ड से उसकी पहचान हुई। पुलिस ने शव को नागरिक अस्पताल के शव गृह में रखवा दिया है। बुधवार सुबह शव का पोस्टमार्टम होगा।
बस स्टैंड प्रांगण में स्थित पार्क में शाम को लगभग पांच एक महिला काफी देर से बैठी थी। वहां आसपास बैठे लोगों ने कुछ देर बाद देखा कि महिला हाथ-पांव मार रही थी। जब लोग उसके पास पहुंचे तो उसको उल्टियां हो रही थीं। पास में एक कीटनाशक दवा की शीशी पड़ी थी। लोगों ने तुरंत इसकी सूचना पुलिस को दी। जानकारी मिलते ही सिविल लाइन थाना पुलिस मौके पर पहुंची और महिला को नागरिक अस्पताल में दाखिल करवाया। यहां कुछ देर बाद उसने दम तोड़ दिया। महिला के पास से मिले आधार कार्ड से उसकी पहचान गांव लजवाना कलां निवासी 26 वर्षीय पिंकी के रूप में हुई है। पुलिस ने परिजनों के पास फोन किया। लजवाना कलां को एक-दो आदमी जोकि जींद में रहते हैं, नागरिक अस्पताल पहुंचे और महिला के पति व अन्य रिश्तेदारों को फोन किया।
गांव लजवाना कलां निवासी एक व्यक्ति ने बताया कि पिंकी की शादी लजवाना कलां निवासी संदीप के साथ सात साल पहले हुई थी। संदीप इंदौर में प्राइवेट नौकरी करता है। पिंकी की छोटी बहन की शादी संदीप के भाई आशीष के साथ हुई थी। पिंकी का मायका रोहतक जिले के गांव बलियाना में है। करीब तीन महीने पहले संदीप के भाई आशीष का हृदय गति रुकने से देहांत हो गया था। रविवार को आशीष की छमाही हुई थी, इसलिए सभी रिश्तेदार लजवाना कलां आए हुए थे। अभी तक यह पता नहीं चला कि पिंकी जींद कैसे पहुंची और आत्महत्या क्यों की। सिविल लाइन थाना प्रभारी नफे सिंह ने बताया कि पुलिस मामले की जांच कर रही है। परिजनों को सूचना दे दी गई है। परिजनों के बयान दर्ज करने के बाद ही आगामी कार्रवाई की जाएगी। बुधवार सुबह ही शव का पोस्टमार्टम हो पाएगा।
पिंकी को है एक बेटा
परिजनों के अनुसार पिंकी का पांच साल का एक बेटा है। वहीं पिंकी की छोटी बहन को दो बच्चे हैं। पिंकी की छोटी बहन का पति आशीष गुरुग्राम में एक होटल में नौकरी करता था, जिसकी करीब तीन महीने पहले मौत हो गई थी।
पिंकी की बहन ने करेपा से कर दिया था मना
अस्पताल पहुंचे लोगों ने बताया कि संदीप के भाई आशीष की छमाही के बाद परिजनों ने पिंकी की बहन का करेपा संदीप के साथ करवाने की इच्छा जताई थी, लेकिन इस पर खुद पिंकी बहन ने ही मना कर दिया था। इसके बाद परिवार में किसी प्रकार की परेशानी नहीं थी। यह किसी को समझ में नहीं आ रहा कि पिंकी ने ऐसा कदम क्यों उठाया।