संवाद न्यूज एजेंसी
नरवाना। हरियाणा राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (एचएसआरएलएम) से जुड़ी स्वयं सहायता समूह (एसएचजी) की महिलाएं अब रोजगार के क्षेत्र में नई पहचान बना रही हैं। मिशन के तहत गठित क्लस्टरों की ओर से शहर में संचालित कैंटीन महिलाओं के आत्मनिर्भर बनने की कहानी बयां कर रही हैं। यहां महिलाएं भोजन तैयार करने से लेकर उसकी बिक्री और प्रबंधन तक की पूरी जिम्मेदारी खुद संभाल रही हैं।
कैंटीनों के माध्यम से महिलाओं की आय में वृद्धि हुई है, वहीं समाज में उनका सम्मान और आत्मविश्वास भी बढ़ा है। कल्पना क्लस्टर की ओर से न्यायिक परिसर के पास और शहर की मेला मंडी में कैंटीन का संचालन किया जा रहा है। लघु सचिवालय परिसर में दुर्गा क्लस्टर द्वारा नई कैंटीन शुरू की गई है। इन कैंटीनों में रोजाना सरकारी कार्यालयों, अदालत और तहसील में आने वाले लोगों को किफायती दरों पर स्वच्छ और घर जैसा स्वादिष्ट भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है।
कैंटीन में राजमा-चावल, कढ़ी-चावल, छोले-चावल के साथ चाय, नाश्ता और अन्य खाद्य पदार्थ उपलब्ध हैं। गुणवत्तापूर्ण भोजन और उचित कीमतों के कारण कैंटीन लोगों के बीच लोकप्रिय हो रही हैं।
खंड क्लस्टर कोऑर्डिनेटर चंद्र प्रकाश ने बताया कि एचएसआरएलएम का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना और उन्हें स्वरोजगार के अवसरों से जोड़ना है। स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाएं अपने हुनर और मेहनत के बल पर न केवल अपनी आय बढ़ा रही हैं, बल्कि परिवार की आर्थिक स्थिति को भी मजबूत कर रही हैं।
उन्होंने कहा कि इन कैंटीनों के माध्यम से जहां महिलाओं को रोजगार मिल रहा है। कैंटीन का संचालन कर रहीं सुमन, रितु, कामना और कमलेश ने बताया कि कुछ समय पहले तक वे घरेलू जिम्मेदारियों तक सीमित थीं लेकिन आज अपनी मेहनत और कौशल के दम पर आय अर्जित कर रही हैं। इससे उनके आत्मविश्वास में बढ़ोतरी हुई है।