10जेएनडी20 : डीसी कॉलोनी में स्थित अब्दुल बाल कलाम आश्रम। संवाद
जींद। डीसी कॉलोनी में स्थित कलाम बाल आश्रम का संचालन आखिरकार 16 साल बाद महिला एवं बाल विकास विभाग को मिल गया है। इसके लिए महिला एवं बाल विकास विभाग को कर्मचारियों की सैलरी भी रोकनी पड़ी थी। दो साल से चल रहे पत्राचार का अब परिणाम सामने आया है।
डीसी कॉलोनी में महिला एवं बाल विकास विभाग ने 16 साल पहले बाल कलाम आश्रम का निर्माण करवाया था। इसकी बिल्डिंग तथा अन्य सुविधाओं पर सभी ग्रांट महिला एवं बाल विकास विभाग ने खर्च की थी। जब इसके संचालन की बात आई तो जिला प्रशासन ने बाल कल्याण परिषद को दे दिया। इसके बावजूद इसका पूरा बजट महिला एवं बाल विकास विभाग की तरफ से ही दिया जाता रहा। इस बाल कलाम आश्रम में अनाथ बच्चों को रखा जाता है। लगभग तीन साल पहले महिला एवं बाल विकास विभाग को यह बात चुभ गई कि जिस बाल कलाम आश्रम के लिए जिला बाल कल्याण परिषद ने कुछ भी नहीं किया, वह इसका संचालन कर रही है। स्टाफ के लिए वेतन महिला एवं बाल विकास विभाग दे रहा है, जबकि स्टाफ की नियुक्ति से लेकर आश्रम के प्रशासन का संचालन जिला बाल कल्याण परिषद कर रही है। यह स्थिति महिला एवं बाल विकास विभाग के मुख्यालय को ठीक नहीं लगी। उसने जिला प्रशासन को पत्र लिखकर बाल कलाम आश्रम का संचालन महिला एवं बाल विकास विभाग को सौंपे जाने के लिए कहा था।
दो साल के पत्राचार के बाद मिली सफलता
दो साल पहले महिला एवं बाल विकास विभाग के मुख्यालय ने जिला प्रशासन को पत्र लिखकर कलाम बाल आश्रम का संचालन उनको देने की बात कही, लेकिन इसका कोई असर नहीं हुआ। मुख्यालय ने कई रिमाइंडर पत्र जिला प्रशासन को लिखे। जिला प्रशासन ने जब महिला एवं बाल विकास विभाग के मुख्यालय की बात नहीं मानी। इस पर महिला एवं बाल विकास विभाग मुख्यालय ने पिछले साल अप्रैल से कलाम बाल आश्रम को दी जाने वाली ग्रांट रोक दी। अब जिला प्रशासन ने कलाम बाल आश्रम का संचालन महिला एवं बाल विकास विभाग को सौंप दिया है।
कलाम बाल आश्रम का संचालन जिला बाल कल्याण परिषद ने महिला एवं बाल विकास विभाग को सौंप दिया है। हरियाणा बाल कल्याण परिषद से मिले निर्देशों के बाद आश्रम का संचालन महिला बाल विकास विभाग को सौंपा गया है। -मलकियत चहल, जिला बाल कल्याण अधिकारी।
10जेएनडी20 : डीसी कॉलोनी में स्थित अब्दुल बाल कलाम आश्रम। संवाद