गांव बुडायन में पांच दिनों से पीने के पानी की सप्लाई नहीं आने से परेशान महिलाओं ने जनस्वास्थ्य विभाग के खिलाफ नारेबाजी की। महिलाओं पीने के पानी की सप्लाई शनिवार को नहीं आने पर सोमवार को मटका फोड़ प्रदर्शन गांव के जलघर में करने का फैसला लिया।
गांव में जलघर होने के बाद भी गांव में पीने के पानी की किल्लत है। यहां कार्यरत कर्मी कभी मोटर खराब होने तो कभी बिजली नहीं रहने की बात कह रहे हैं। बिजली होती है तो कम वोल्टेज होने की बात कहते हैं। गर्मी के मौसम ये पीने के पानी की समस्या चली आ रही है। सर्दी का मौसम शुरू हो चुका लेकिन समस्या अब भी है।
पांच दिन से नलों में पानी की सप्लाई नहीं आ रही है। महिला कमलेश, संतरो, सुदेश, ज्योति, राजबाला, माया, छोटी, प्रीति, निर्मल ने कहा कि पानी की सप्लाई करने वाले कर्मचारी झूठे बहाने बनाते रहते हैं। टैंकों में पानी रहता है लेकिन वो जानबूझ कर सप्लाई नहीं करते हैं।
कभी बिजली की वोल्टेज कम होने की बात कहते हैं तो कभी मोटर खराब होने का बहाना बनाते हैं। महिलाओं को घर के काम-काज करने के साथ-साथ जलघर जाकर पीने का पानी लेकर आना पड़ता है। खेतों से भी पीने का पानी लाना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि नलों में सप्लाई कई-कई दिनों में आती है।
गांव में जलघर होने के बावजूद पीने के पानी को ग्रामीण तरस रहे हैं। अपनी मर्जी से पानी की सप्लाई कर्मी छोड़ रहे हैं।
सोमवार को गांव की महिलाएं यहां प्रदर्शन कर अपना गुस्सा प्रकट करेंगी। नियमित रूप से पानी की सप्लाई घरों में सुबह, शाम होनी चाहिए। इसको लेकर शुक्रवार को विधायक प्रेमलता से भी गांव के लोग मिलेंगे। जब गांव में जलघर बनाया गया है तो पीने के पानी की सप्लाई नियमित होनी चाहिए। सप्लाई गांव में कभी तीन दिन तो कभी सप्ताह में आती है।