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Jind: अस्पताल प्रशासन ने बिना ईएमटी के भेजी एंबुलेंस, महिला की एंबुलेंस में ही हुई डिलीवरी

Mon, 17 Oct 2022 01:13 AM IST
भूपेंद्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, जींद (हरियाणा)

सार

जच्चा-बच्चा को खानपुर ले जाने के लिए जो एंबुलेंस उपलब्ध करवाई गई उसमें ईएमटी व सहायक नहीं भेजा गया। नागरिक अस्पताल गोहाना में दाखिल करवाया है। जच्चा और बच्चा स्वस्थ हैं।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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हरियाणा के जींद में स्वास्थ्य विभाग 15 जून को एंबुलेंस में हुई बच्चे की मौत के बाद भी नींद से नहीं जागा है। रविवार को एक गंभीर गर्भवति महिला को नागरिक अस्पताल जींद से मेडिकल कॉलेज खानपुर रेफर कर दिया। इस एंबुलेंस में ईएमटी (इमरजेंसी मेडिकल टेक्नीशियन) नहीं भेजा गया था। रास्ते में एंबुलेंस में ही महिला की डिलीवरी हो गई। इसके बाद महिला व बच्चे को नागरिक अस्पताल गोहाना में दाखिल करवाया गया। जच्चा और बच्चा स्वस्थ हैं। 

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गांव बागडू कलां निवासी पवन ने बताया कि उसकी 23 वर्षीय पत्नी पूजा की डिलीवरी होनी थी। शनिवार को पवन अपनी पत्नी को प्रसव पीड़ा के चलते नागरिक अस्पताल लाया। यहां चिकित्सकों ने पूजा की हालत गंभीर देखते हुए रविवार को मेडिकल कॉलेज खानपुर रेफर कर दिया। खानपुर ले जाने के लिए उन्हें जो एंबुलेंस उपलब्ध करवाई गई उसमें ईएमटी व सहायक नहीं भेजा गया।

 

उन्होंने एंबुलेंस कर्मियों से बातचीत भी की लेकिन किसी ने उनकी बात नहीं सुनी। आखिरकार गोहाना के निकट पहुंचते ही उसकी पत्नी की तबीयत बिगड़ गई। जिस पर उन्होंने चालक को अवगत करवाया। कुछ ही देर में एंबुलेंस में ही डिलीवरी हो गई।


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इसके बाद पवन ने चालक को नागरिक अस्पताल में गोहाना में ही मां-बच्चे को लेकर चलने के लिए कहा। पवन ने कहा कि दोनों को गोहाना के नागरिक अस्पताल में दाखिल करवाया गया, फिलहाल दोनों जच्चा व बच्चा ठीक हैं। पवन ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही के कारण उसकी पत्नी व बच्चे की जान पर बन आई थी। 

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15 जून को बच्चे की हुई थी मौत
15 जून को जींद निवासी एक वर्षीय महेश नामक एक बच्चे को गंभीर हालत में नागरिक अस्पताल से पीजीआई रोहतक रेफर किया गया था। एंबुलेंस में ईएमटी नहीं था। रास्ते में ऑक्सीजन खत्म हो गई तो चालक ने सिलिंडर बदला लेकिन इससे पहले ही बच्चे की मौत हो गई थी। अस्पताल प्रशासन पर ईएमटी नहीं भेजने के आरोप लगे थे। मइस मामले में फ्लीट मैनेजर को नौकरी से हटा दिया गया था।

विभाग में ईएमटी की कमी है। अस्पताल में 24 ईएमटी हैं जबकि जरूरत 39 की है। ईएमटी की डिमांड मुख्यालय भेजी गई है। जितने भी ईएमटी है, उनसे काम चलाया जा रहा है। -डॉ. विनोद, नोडल रेफरल ट्रांसपोर्ट।

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