भावी सरपंच ऋषिपाल सिहाग को लड्डू खिलाते ग्रामीण। संवाद।
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जींद। रूपगढ़ गांव से चली सर्वसम्मति की मुहिम अब रंग लाने लगी है। जिले में रूपगढ़ के बाद शनिवार को सफाखेड़ी में भी सर्वसम्मति से सरपंच का चयन किया गया। रविवार को 2160 मतदाताओं के हैबतपुर गांव ने भी नजीर पेश की। ग्रामीणों ने सर्वसम्मति से 50 वर्षीय ऋषिपाल सिहाग को सरपंच बनाने पर सहमति जताई। गांव में 11 पंचों का चयन भी सर्वसम्मति से लगभग तय हो गया है। लगभग पांच घंटे की पंचायत में सभी बिरादरी के लोगों ने सरपंच व पंचों के एक-एक नामों पर सहमति प्रकट की।
गांव हैबतपुर में लगभग एक सप्ताह से खासकर युवा वर्ग सरपंच पद के लिए किसी एक नाम पर सहमति बनाने का प्रयास कर रहा था। जब बुजुर्गों को इस बात का पता चला तो उन्होंने भी युवा वर्ग का साथ दिया और रविवार को सुबह गांव में एक पंचायत का आयोजन किया गया। इसमें सभी बिरादरियों के लोगों को बुलाया गया। गांव में सरपंच पद का सामान्य वर्ग में पुरुष के लिए था। इसलिए गांव में जो-जो सरपंच पद की दावेदारी जता रहे थे, सभी को बुलाया गया। पंचायत ने फैसला किया कि पंचायत यदि किसी एक नाम पर सहमति जताएगी तो यह निर्णय सभी को मानना पड़ेगा। उजाला सैनी की अध्यक्षता में हुई पंचायत में सरपंच के लिए ऋषिपाल सिहाग का नाम रखा गया। जिस पर सभी ग्रामीणों ने सहमति जताई। इसके बाद पंचों के चयन की प्रक्रिया की गई। पंचायत ने फैसला किया गया गांव से सरपंच के लिए ऋषिपाल सिहाग का नामांकन करवाया जाएगा तथा पंचों के 11 वार्डों में से एक-एक नामांकन करवाए जाएंगे। गांव में सरपंच तथा पंच के लिए चुनाव नहीं होगा। ग्रामीण प्रदीप सैनी, राममेहर सैनी, रामफल सैनी, बलमत सैनी, नारायण दत्त जांगड़ा, दलेल जांगड़ा, कृष्ण जांगड़ा, प्रदीप कुमार ने पूरे गांव का आभार जताया।
ग्रामीणों के विश्वास पर खरा उतरने का प्रयास रहेगा। गांव में विकास कार्य सभी ग्रामीणों की सहमति से किए जाएंगे।
ऋषिपाल सिहाग, भावी सरपंच, हैबतपुर