जींद। पश्चिमी विक्षोभ के चलते मौसम ने फिर से करवट ली है। दिनभर मौसम बदला रहा। 18 किलोमीटर प्रतिघंटा की गति से पछुआ हवा चली। बादल छाने से अधिकतम तापमान में मामूली गिरावट तथा न्यूनतम तापमान में छह डिग्री का इजाफा दर्ज किया गया। आकाश में छाए बादल और हवा की गति ने किसानों को परेशान कर दिया। शुक्रवार को अधिकतम तापमान 25 डिग्री तथा न्यूनतम तापमान 18 डिग्री दर्ज किया गया। मौसम में आर्द्रता 44 प्रतिशत दर्ज की गई। मौसम विभाग के अनुसार 3 मार्च तक बारिश के साथ ओलावृष्टि होने की संभावना है।
शुक्रवार को सुबह हवा कि गति 10 किलोमीटर प्रति घंटा रही, जो दोपहर बाद 18 किलोमीटर तक पहुंच गई। आसमान में छाए बादल के बीच से सूर्य रह-रहकर झांकते नजर आए। शाम को बूंदाबांदी के आसार बनने पर किसानों की चिंता बढ़ गई। किसानों ने कहा कि सरसों की फसल पकने वाली है। अगेती गेहूं में बालियां आ चुकी हैं और दाना भी बन चुका है। पछेती गेहूं में भी बालियां आ रही हैं और दाना बन रहा है। अब फसल पकने की तरफ है तो मौसम साथ नहीं दे रहा है। बारिश तक तो ठीकठाक है, लेकिन हवा की गति तेज होने से परेशान करने वाली है। जिन खेतों में पानी दिया गया है, उनमें फसल गिरने का खतरा बन गया है। विभाग अब ओलावृष्टि की संभावना जता रहा है।
रविवार तक मौसम में उतार-चढ़ाव जारी रहेगा। बारिश के साथ ओलावृष्टि की संभावना है। अधिकतम तथा न्यूनतम तापमान में गिरावट आएगी। सुबह को फिर से ठंड का अहसास होगा। बूंदाबांदी के साथ ओलावृष्टि की संभावना है। किसान फसलों की सिंचाई करने से बचें। -डॉ. राजेश कुमार, मौसम विज्ञानी, कृषि विज्ञान केंद्र पांडु पिंडारा।