जींद। रोडवेज डिपो का बेड़ा लगातार बढ़ रहा है। बेड़े में रविवार तक 11 नई बस के आने की उम्मीद है। इससे रोडवेज बस की संख्या 200 के पार हो जाएगी। बसों की संख्या बढ़ने से यात्रियों को बेहतर परिवहन सुविधा मिलेगी। पिछले सप्ताह भी 11 बस को शामिल किया गया था, जिनकी बुधवार को पासिंग हो गई थी। अब उन्हें लोकल रूटों पर भेजा रहा है। फिलहाल उन पर फास्टैग नहीं लगा है। फास्टैग लगने के बाद उन्हें लंबे रूटों पर उतारा जाएगा। अब नई 11 बस आने के बाद डिपो में रोडवेज बसों की संख्या 200 हो जाएगी, जिसमें किलोमीटर स्कीम की 37 बस शामिल हैं। परमिट व फास्टैग जैसी कागजी कार्रवाई के बाद बसों को ऑन रूट भेजा जाएगा, जिससे यात्रियों को बेहतर परिवहन सुविधा मिलेगी। किलोमीटर स्कीम वाली बस पर चालक परिवहन समिति का ऑपरेटर व परिचालक रोडवेज कर्मचारी है। इस समय डिपो में 189 बस ऑन रूट हैं, जिन पर 272 परिचालक व 249 चालक कार्यरत हैं। 1.7 नार्म्स के हिसाब से ओवरटाइम शून्य करने के लिए डिपो में 200 बसों पर 340 चालक-परिचालक की जरूरत है। ऐसे में बसों का संचालन सुचारु रूप से जारी रखने के लिए चालक व परिचालकों को ओवरटाइम दिया जा रहा है, जबकि परिवहन विभाग की ओर से एचकेआरएन के तहत 30 परिचालक भेजे जाने हैं।
डिपो में नई बसे जरूर भेजी जा रही हैं, लेकिन बसों की संख्या के हिसाब से कर्मचारियों की कमी है। हरियाणा कौशल निगम के तहत चालक-परिचालक की भर्ती की जा रही है, जबकि सरकार को चाहिए कि बेड़े में स्थायी भर्ती करे। -संदीप रंगा, राज्य उपप्रधान, हरियाणा रोडवेज संयुक्त कर्मचारी संघ।
डिपो में 11 नई बस रविवार तक पहुंच जाएंगी। बसों के आने के बाद कागजी कार्रवाई के बाद रूट पर भेजा जाएगा। फास्टैग लगने तक बसों को हांसी, रोहतक व असंध जैसे लोकल रूटों पर चलाया जाएगा। वहीं फास्टैग लगने के बाद लंबे रूटों पर भेजा जाएगा। -जसमेर खटकड़, इंचार्ज, ड्यूटी सेक्शन, रोडवेज डिपो जींद