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Jind News: 'शिकायत मिलते ही कार्रवाई क्यों नहीं करते अधिकारी'

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बैठक में शिकायतें सुनते बिजली एवं जेलमंत्री रणजीत सिंह चौटाला। संवाद - फोटो : Jind
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जींद। जिला परिवेदना समिति की बैठक की सोमवार को अध्यक्षता कर रहे प्रदेश के बिजली एवं जेल मंत्री रणजीत सिंह चौटाला ने गांधी नगर से अवैध अतिक्रमण नहीं हटाने के मामले में नगरायुक्त एवं नगर परिषद ईओ से कहा कि यह आपके बस की बात नहीं। इस मामले को एसडीएम तथा डीएसपी सुलझाएंगे।
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इसके अलावा मंत्री समिति की बैठक से पहले समझौते करने के मामलों पर भड़क गए। उन्होंने कहा कि शिकायतकर्ताओं के साथ परिवेदना समिति की बैठक से पहले समझौते क्यों हो जाते हैं, शिकायत आते ही अधिकारी समाधान क्यों नहीं करते। जिला परिवेदना समिति की बैठक में 14 शिकायतें रखी गई थीं, जिनमें से अधिकतर को फाइल करने के निर्देश दिए।
पहली शिकायत बिजली विभाग के खिलाफ थी। इसमें शिकायतकर्ता का आरोप था कि बिजली निगम ने उसके बिजली मीटर में उसके पड़ोसी की तार जोड़ दी, जिस कारण उसका बिल बढ़ता गया। इस कारण उसका कनेक्शन कट गया। इस मामले में शिकायतकर्ता मौजूद नहीं मिला। निगम अधिकारियों ने कहा कि यह मामला निपट गया है। इस पर मंत्री ने शिकायत को फाइल करने के निर्देश दिए दूसरे मामले में एक बिजली उपभोक्ता ने बिजली कर्मचारियों पर नाजायज तरीके से पैसे ऐंठने के आरोप लगाए।
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इसमें बिजलीमंत्री ने निगम के एसडीओ को चार्जशीट करने को कहा, बाद में इस मामले की एडीसी को जांच सौंपकर अगली बैठक में रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए। तीसरे मामले में मैं हरियाणा ट्रांसपोर्ट कंपनी के ठेकेदार ने वेयर हाउसिंग कार्पोरेशन पर उसकी माल ढुलाई के चार लाख रुपये नहीं देने के आरोप लगाए थे। इस पर डीसी ने जांच के बाद कहा कि उसे यह पैसे लेने का हक है। इस पर मंत्री ने विभाग को यह पैसे शिकायतकर्ता को देने के निर्देश दिए। इस मौके पर विधायक अमरजीत ढांडा, डीसी डॉ. मनोज कुमार, एसपी नरेंद्र बिजरानिया समेत सभी विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
डीएमसी से बोले आपके बस की बात नहीं
गांधी नगर में रिहायशी क्षेत्र में व्यावसायिक गतिविधियां करने की शिकायत काफी समय पहले यहां के लोगों ने की थी। इस पर मंत्री ने पूछा कि नगर परिषद ने क्या कार्रवाई की। इस पर डीएमसी सुरेंद्र ने जवाब देने की कोशिश की लेकिन मंत्री ने पहले ही कहा कि यह आपके बस की बात नहीं। इस मामले को एडीसी या एसडीएम की देखरेख में निपटाया जाए। उन्होंने डीसी को 10 दिन में रिहायशी क्षेत्र में व्यावसायिक गतिविधियां बंद करवाने के निर्देश दिए। बता दें कि 10 दिन पहले यहां पर नगर परिषद के ईओ सुशील कुमार मामले की जांच के लिए गए थे। यहां के कुछ लोगों ने उन पर हमला कर दिया। इस मामले में ईओ की शिकायत पर तीन लोगों के खिलाफ मामला भी दर्ज है।
मंडी में जल गई थी कपास, मंत्री ने दिए भरपाई के आदेश
हिसार जिले के गांव सुलतानपुर निवासी नरेश की शिकायत थी कि उसने उचाना कपास मंडी में आठ अक्तूबर 2021 को अपनी कपास डाली हुई थी। यहां पर अचानक उसकी कपास में आग लग गई और उसकी 12 क्विंटल कपास जल गई। इस पर मार्केट कमेटी की तरफ से कहा गया कि आग लगने पर मुआवजे का कोई प्रावधान नहीं है। इस पर मंत्री ने किसान को मुआवजा देने के निर्देश दिए।
तहसीलदार से मांगा पूरा रिकॉर्ड
घिमाना निवासी प्रविंद्र की शिकायत थी कि उसकी बुआ ने जमीन का इंतकाल 2014 में करवा दिया था। इसका मामला अदालत में भी चला। 2017 में यह इंतकाल राजबाला के नाम होना था लेकिन पटवारी तथा अन्य अधिकारियों की मिलीभगत के कारण उसका इंतकाल नहीं हो रहा। इस पर मंत्री ने एक बार तो पटवारी को सस्पेंड करने को कहा बाद में तहसीलदार से अगली बैठक में पूरे रिकार्ड के साथ पेश होने के निर्देश दिए।
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