जींद। शहर की अनाज मंडी में गेहूं की सरकारी खरीद शुरू होने के बाद पहले दिन कोई भी किसान गेहूं लेकर मंडी में नहीं पहुंचा। गेहूं पूरी तरह से नहीं पकने की वजह से एक सप्ताह तक गेहूं के मंडी में आने की संभावना कम है। अभी तक जिले में कहीं पर भी कटाई नहीं शुरू हुई है। वहीं मंडी में सरसों की आवक बढ़ गई है।
सोमवार को शहर की अनाज मंडी में सरसों की आवक बढ़ी है। जिसके चलते 850 क्विंटल सरसों की सरकारी खरीद हुई। इसके अलावा अब तक मंडी में 3628 क्विंटल सरसों की खरीद हो चुकी है। यही नहीं प्राइवेट बोली पर मंडी में 450 क्विंटल सरसों की खरीद हुई और प्राइवेट पर अब तक 2454 क्विंटल की खरीद हुई है। जिन किसानों ने सरसों का मेरी फसल मेरा ब्यौरा पोर्टल पर पंजीकरण नहीं करवाया। वह किसान सरसों को प्राइवेट बोली पर बेच रहे हैं। जहां पर किसानों को सरसों का रेट सरकारी भाव के मुकाबले काफी कम मिल रहा है। इसमें किसानों को अधिकतम 5200 रुपये तक का ही भाव मिलता है। इसके अलावा गेहूूं खरीद को लेकर मार्केट कमेटी ने खरीद एजेंसियों को तैयारियों के साथ मंडी में आने के लिए निर्देश दिए थे, लेकिन सायं तक कोई भी किसान गेहूं लेकर मंडी में नहीं पहुंचा तो खरीद एजेंसियों के कर्मियों को सायं को वापस लौटना पड़ा।
मंडी में किसानों का गेहूं खरीद को लेकर तैयारियां पूर्ण कर ली गई हैं। सोमवार को खरीद प्रक्रिया के पहले दिन मंडी में कोई भी किसान गेहूं लेकर नहीं पहुंचा। किसानों को खरीद में किसी प्रकार की परेशानी नहीं आने दी जाएगी। -संजीव कुमार मार्केट कमेटी सचिव जींद।