जींद। सरकारी खरीद शुरू होने के पांच दिन बीतने के बाद बुधवार को मंडी दो किसान लगभग 300 क्विंटल गेहूं लेकर आए। मंडी में खरीद एजेंसियों ने गेहूं की नमी की जांच की तो इनमें 15 प्रतिशत नमी पाई गई। इसके बाद खरीद एजेंसियों के प्रतिनिधियों ने मंडी में आए गेहूं को किसानों को सुखाने के निर्देश दिए, ताकि नमी की मात्रा नौ प्रतिशत तक आने के बाद इनको खरीदा जा सके।
पिछले एक सप्ताह में कई बार हुई बारिश के कारण गेहूं की फसल में ज्यादा बर्बाद हो चुका है। इसको लेकर किसानों ने सरकार से मुआवजे की भी गुहार लगाई है, लेकिन गेहूं की अगेती फसल बारिश के कारण गिरकर ज्यादा खराब हो चुकी है। कुछ किसानों की यह फसल पूरी तरह से पकने के बाद गिरी है, जिसके कारण खेत में नमी होने के कारण अब कंबाइन भी नहीं चल पा रही। जो किसान गेहूं को कटवा रहे हैं तो उनमें नमी की मात्रा ज्यादा मिल रही है। इसके कारण अभी तीन से चार दिन बाद ही किसान गेहूं की कटाई ज्यादा करवाएंगे, ताकि मंडी में आते ही गेहूं को बेचा जा सके। इसके अलावा मंडी में प्राइवेट बोली पर सरसों 30 हजार क्विंटल तक की खरीद हो चुकी है। इसके अलावा सरसों की सरकारी खरीद पांच हजार क्विंटल तक हो चुकी है।
गेहूं की फसल को सुखाने के बाद ही कटवाएं किसान
बारिश के कारण गेहूं में अभी तक नमी की मात्रा ज्यादा है। किसानों से अनुरोध है कि वह गेहूं की सफल को सुखने के बाद ही कटवाएं, ताकि मंडी में आते ही गेहूं को बेचा जा सके। मंडी में गेहूं खरीद को लेकर किसानों को किसी तरह की परेशानी नहीं आने दी जाएगी। मंडी में अगर नमी के कारण किसान फसल नहीं बेच पाता तो उसके खाने के लिए कैंटीन व रहने की व्यवस्था भी की गई है।