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Jind News: बारिश से बदला मौसम, धान की फल गिरी

Sat, 11 Nov 2023 12:34 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
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10जेएनडी13 : खेतों में कटाई के लिए तैयार खड़ी धान की फसल तेज हवा के के गिरी। संवाद
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जींद। दीवाली से पहले बारिश से मौसम बदल गया। तेज हवा चलने से वायु प्रदूषण में काफी राहत मिली है। शुक्रवार को जींद ब्लॉक में चार एमएम बारिश हुई। वीरवार को एक्यूआई 430 दर्ज किया गया था जबकि शुक्रवार को यह घटकर 280 तक आ गया। वहीं सुबह बूंदाबांदी के साथ चली तेज हवा के कारण खेतों में खड़ी धान की फसल बिछ गई। इसके अलावा धान कटाई का कार्य भी प्रभावित हुआ है। वहीं गेहूं बिजाई का कार्य भी प्रभावित हुआ।
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सुबह चार बजे ही मौसम बदला और आसमान में बिजली चमकने लगी। इसके बाद तेज हवाएं चलने लगी और सुबह छह बजे बूंदाबांदी शुरू हो गई, जो रुक-रुक कर 11 बजे तक चलती रही। इस दौरान जींद में चार एमएम तथा नरवाना में एक एमएम बारिश दर्ज की गई। जिले के अन्य भागों में बूंदाबांदी हुई। बूंदाबांदी के बाद मौसम में कुछ ठंड भी बढ़ी और ग्रामीण क्षेत्रों में कीचड़ की स्थिति पैदा हो गई। इसके अलावा कई स्थानों, जहां पर सड़कें टूटी हुई हैं, वहां से भी लोगों को आने-जाने में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
वायु प्रदूषण में आई काफी गिरावट
बारिश तथा तेज हवाओं के कारण वायु प्रदूषण से लोगों को काफी राहत मिली। पिछले दस दिन से वायु प्रदूषण इतना बढ़ गया था कि लोगों को सांस लेने में भी परेशानी हो रही थी। वीरवार को एक्यूआई 430 दर्ज किया गया था, जो शुक्रवार को औसतन 280 तक आ गया। दिनभर वायु प्रदूषण में सुधार आता रहा, रात को वायु प्रदूषण में और अधिक सुधार होने की उम्मीद है।
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गेहूं की बिजाई व धान की कटाई का कार्य प्रभावित
बूंदाबांदी तथा बारिश के कारण जिले में धान की कटाई तथा गेहूं की बिजाई का कार्य रुक गया है। इस समय जहां धान की कटाई हो चुकी है, वहां पर गेहूं की बिजाई का कार्य जोरों से चल रहा है। अब बारिश व बूंदाबांदी के कारण यह कार्य रुक गया है। वहीं धान की कटाई का कार्य भी रुक गया है। तेज हवाओं के कारण धान की फसल जो खेतों में कटाई के लिए तैयार खड़ी थी वह बिछ गई है। इससे किसानों को नुकसान की आशंका है।
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अब बारिश की कम ही उम्मीद है। किसान धान की कटाई तथा गेहूं की बिजाई का कार्य कर सकते हैं। जमीन को अच्छी तरह से तैयार करके ही गेहूं की बिजाई करनी चाहिए।
डॉ. राजेश कुमार, मौसम वैज्ञानिक कृषि विज्ञान केंद्र, पांडु पिंडारा।
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