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हम कसम खाते है, बेटियों को गर्भ में नहीं मारेेेेंगे

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शपथ पत्र भरते डीसी विनय सिंह और मौके पर मौजूद सिविल सर्जन डॉ. संजय दहिया। - फोटो : bureau
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 यूं तो देश भर में बेटी बचाने की मुहिम चल रही है, लेकिन जींद के स्वास्थ्य विभाग ने बेटी बचाने के लिए अनूठी मुहिम शुरू की है। इसके तहत अब स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी घर-घर जाकर लोगों ने बेटी बचाने और बेटी पढ़ाने का शपथ पत्र भरवाएंगे। शुक्रवार को डीसी विनय सिंह ने शपथ पत्र भरकर अभियान का शुभारंभ किया है। जींद के नागरिक अस्पताल की पीपीसी सेंटर की टीम ने अपने ही स्तर पर इस पहल की कार्ययोजना तैयार की है। इसके तहत टीम द्वारा बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ को लेकर एक संकल्प पत्र तैयार करवाया गया है। हालांकि कार्ययोजना तैयार करने वाली टीम इसे शपथ पत्र के साथ संकल्प पत्र का भी नाम दे रही है। अब टीम के सदस्य घर-घर जाकर परिवार के मुखिया से बेटी बचाने और बेटी पढ़ाने का शपथ पत्र भरवाएंगे। इसके साथ ही कन्या भ्रूण हत्या नहीं करने, बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ का संकल्प दिलाएंगे।
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निकलेंगे बेहतर परिणाम
पीपीसी सेंटर के कुछ अधिकारियों ने इस प्रकार की कार्ययोजना बनाई है। जैसे ही इसे मेरे समक्ष पेश किया गया, मुझे यह योजना बेहद असरदार लगी और अधिकारियों से बातचीत कर तुरंत इस पर काम शुरू कर दिया गया है। इस योजना से निश्चित रूप से बेहतर परिणाम आएंगे।
- डॉ. संजय दहिया, सिविल सर्जन जींद

यह है शपथ पत्र का फार्मेट
विशेषतौर पर तैयार किए गए शपथपत्र में शपथकर्ता अपने अराध्य एवं अपनी सबसे प्रिय वस्तु को साक्षी मानकर शपथ लेता है कि वह बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ कार्यक्रम के लिए अपने परिवार, रिश्तेदार व समाज को जागृत करेगा और कन्या भ्रूण हत्या नहीं होने देगा। बेटियों की पूर्ण शिक्षा को बढ़ावा देगा। दहेज प्रथा को रोकने व बेटियों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने हेतु समाज को प्रेरित करेगा।
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जून में 1000 लड़कों पर 986 लड़कियों ने लिया जन्म
सिविल सर्जन डॉ. संजय दहिया ने बताया कि जिले में लिंगानुपात लगातार सुधर रहा है। जून माह में लिंगानुपात 1000 पर 986 लड़कियां पहुंच गया है, जो अच्छे संकेत हैं। इससे पहले मई माह में एक हजार लड़कों पर जन्म लेने वाली लड़कियों की संख्या 890 थी। इस हिसाब से जून महीने के आंकड़े स्वास्थ्य विभाग के लिए ऊर्जा देने वाले हैं।
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