जींद। जिला परिषद चेयरपर्सन मनीषा रंधावा के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर होने वाली बैठक अब 11 फरवरी को होगी। इससे पहले दो बार बैठक डीसी के आकस्मिक अवकाश पर जाने के कारण रद्द हो चुकी है। अब बैठक तीसरी बार बुलाई गई है। दो दिसंबर को डीसी को अविश्वास प्रस्ताव देने के बाद सभी 18 पार्षद चंडीगढ़ में सीएम से मिलकर आए थे। जिला पार्षदों ने डीसी को अपने हलफनामे भी सौंपे थे।
प्रधान के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव को लेकर पार्षदों के सीएम से मिलने के बाद इस प्रस्ताव पर 13 दिसंबर को मीटिंग बुलाई गई थी। लेकिन डीसी मोहम्मद इमरान रजा के छुट्टी पर चले जाने के कारण मीटिंग नहीं हो सकी थी। चेयरपर्सन गुट की तरफ से दावा किया गया था कि विरोधी गुट के पास अविश्वास प्रस्ताव पास करवाने के लिए आवश्यक समर्थन नहीं था, इसलिए उन्होंने बैठक स्थगित करवाई गई। उसके बाद दोबारा बैठक बुलाने में सवा माह से ज्यादा समय बाद 22 जनवरी को बैठक बुलाई गई थी। यह बैठक भी जिला परिषद चेयरपर्सन के हाईकोर्ट चले जाने के कारण बुलाई गई थी लेकिन अचानक डीसी के एक बार फिर छुट्टी चले जाने के कारण बैठक रद्द कर दी गई थी। जिला परिषद चेयरपर्सन के खिलाफ बागी गुट का नेतृत्व वाइस चेयरमैन कर रहे हैं।
बैठक की तारीख तय होने पर कहा कि उनके पास पूर्ण बहुमत है। अविश्वास प्रस्ताव के कारण सामान्य बैठक नहीं हो पाने के चलते पांच करोड़ रुपये से ज्यादा के विकास कार्य लटक रहे हैं।
मनीषा रंधावा, चेयरपर्सन, जिला परिषद जींद