जींद। राजकीय स्कूलों में किचन गार्डन की देखभाल के लिए अब स्वयंसेवकों को जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। इसके लिए स्कूलों में छुट्टियों के बाद स्वयंसेवकों की टीम का गठन किया जाएगा, ताकि मिड डे मील में मिलने वाली हरी सब्जियों की ठीक से देखभाल हो सके। अधिकतर स्कूलों में किचन गार्डन बनाए गए हैं।
शिक्षा विभाग द्वारा स्कूलों में मध्याह्न भोजन योजना चलाई जा रही है। इसमें विद्यार्थियों के स्वास्थ्य का ध्यान रखते हुए लगभग दो माह पहले किचन गार्डन तैयार करवाए थे, ताकि मध्याह्न भोजन के साथ विद्यार्थियों को हरी सब्जियों का सेवन करवाया जा सके। जो स्वास्थ्य के लिए लाभकारी होता है। इसमें गाजर-मूली व टमाटर समेत हरी पत्तेदार सब्जियां उगाई जाती हैं। इसके अलावा पालक, मेथी, धनिया, मूली, गाजर, मटर, टमाटर, आलू व हरी मिर्च उगाई गई हैं। यह सब्जियां ऑर्गेनिक तरीके से उगाई जाती हैं। सर्दियों में विद्यार्थियों को मोटा अनाज युक्त आहार दिया जाएगा। इसमें सोया खिचड़ी, मीठा दलिया, चावल व सफेद चना, चना दाल खिचड़ी, मिस्सी पराठा व दही, दाल चावल, रोटी, मूंग मसूर दाल, मीठे मूंगफली चावल, गेहूं रागी को पूड़ा, सब्जी पुलाव व काला चना, कढ़ी पकौड़ा, गुड़ रोटी व दही, मिलेट पराठा व मीठा दलिया को शामिल किया गया है। बॉक्स....
सर्दी की छुट्टी के बाद बनाई जाएगी टीम
स्कूलों में तैयार किए गए किचन गार्डन की देखभाल के लिए सर्दी की छुट्टियों के बाद स्वयंसेवकों की टीम बनाई जाएगी। जो किचन गार्डन की देखभाल कर बेहतर सब्जियां उगाने का काम करेगी। किचन गार्डन में तैयार की जा रही सब्जियां विद्यार्थियों की सेहत के लिए आवश्यक हैं।
-डॉ. सुभाष वर्मा, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी जींद।