नरवाना। हुड्डा ग्राउंड रेलवे रोड पर श्री सिद्धिविनायक सेवा समिति की ओर से आयोजित श्री शिव महापुराण कथा के तीसरे दिन वृंदावन से पहुंचे आचार्य राजेंद्र महाराज ने भगवान शिव की महिमा का वर्णन किया। कथा के दौरान उन्होंने श्रद्धालुओं को भक्ति, ज्ञान और सदाचार के मार्ग पर चलने का संदेश दिया।
आचार्य राजेंद्र महाराज ने कहा कि भगवान शिव के हृदय में भगवान विष्णु और भगवान विष्णु के हृदय में भगवान शिव का निवास है। ब्रह्मा, विष्णु और महेश में कोई भेद नहीं है। तीनों देव अपनी-अपनी लीलाओं के अनुसार अलग-अलग रूप धारण कर सृष्टि का संचालन करते हैं। उन्होंने कहा कि भगवान शिव त्रिकाल में प्रसिद्ध होने के साथ तीनों कालों से परे परम तत्व माने गए हैं।
महाराज ने कहा कि शिव महापुराण में भगवान शिव की महिमा, उनके विभिन्न अवतारों और अनेक दिव्य प्रसंगों का वर्णन मिलता है। रुद्राक्ष की महिमा का भी इसमें विस्तार से उल्लेख किया गया है। भगवान शिव पर जल अर्पित करना, बेलपत्र चढ़ाना और मिट्टी से शिवलिंग बनाकर विधिपूर्वक पूजन करना शिव आराधना के महत्वपूर्ण साधन माने गए हैं।
उन्होंने बेलपत्र अर्पित करने की धार्मिक महिमा भी श्रद्धालुओं को बताई। समिति प्रधान कैलाश सिंगला और संयोजक विनोद मंगला ने बताया कि कथा के माध्यम से श्रद्धालुओं को भक्ति, ज्ञान और सदाचार का संदेश दिया जा रहा है। तीसरे दिन की पूजा अशोक गर्ग, शुभम गर्ग, नकुल गर्ग, प्रदीप व उनकी धर्मपत्नी, शमशेर शर्मा व उनकी धर्मपत्नी तथा समिति के सदस्यों ने की।
इस अवसर पर श्याम मित्र मंडल, केदार सेवा समिति, अग्रवाल वैश्य समाज और मां बनभौरी सेवा समिति को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में पूर्व प्रधान नरेश जैन, राकेश शर्मा, विनोद मंगला, जयपाल बंसल, देवीराम गर्ग, सतीश बंसल, जितेंद्र जिंदल, राजेश बाता, पवन मित्तल, पंडित रोशन लाल वेदपाठी, मास्टर किशोरी लाल, संजय दीवान, अमन जांगड़ा, रमेश लोधर, अर्जुन गोयल मौजूद रहे।
फोटो 1 नरवाना। पंडाल बैठकर कथा सुनती महिलाएं। स्रोत आयोजक
फोटो 2 नरवाना। कथावाचन करते हुए कथावाचक आचार्य राजेंद्र महाराज। स्रोत आयोजक।
फोटो 1 नरवाना। पंडाल बैठकर कथा सुनती महिलाएं। स्रोत आयोजक