फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अस्पताल में बढ़ रहे वायरल व उल्टी-दस्त के मरीज

विज्ञापन
उल्टी व दस्त से पीड़ित बच्चे नागरिक अस्पताल में दाखिल। - फोटो : bureau
विज्ञापन
बरसात का मौसम शुरू होते ही वायरल और उल्टी-दस्त के मरीजों की संख्या बढ़ने लगी है। शहर के नागरिक अस्पताल में प्रतिदिन आने वाले मरीजों में 70 प्रतिशत संख्या वायरल और उल्टी-दस्त के मरीजों की है। इनमें से सबसे ज्यादा संख्या बच्चों की है।
विज्ञापन

नागरिक अस्पताल में आमतौर पर प्रतिदिन 900 ओपीडी होती हैं। जुलाई माह में बरसाती सीजन होने की वजह से बीमारियां बढ़ जाती हैं। अभी पिछले कई दिनों से अस्पताल में मरीजों की लगातार संख्या बढ़ रही है और फिलहाल नागरिक अस्पताल में प्रतिदिन 1200 ओपीडी हो रही हैं, जिनमें से 800 मरीज वायरल बुखार व उल्टी दस्त से पीड़ित होते हैं। वायरल बुखार व उल्टी दस्त गंदा पीने की वजह से होता है। इन दिनों बारिश के मौसम में पानी गंदा होने की वजह से कई तरह की बीमारियां फैलने का डर बना रहता है।

क्या बीमारी के कारण
अगर किसी व्यक्ति को खांसी या जुकाम हो, तो वह वायरल बुखार की श्रेणी में आता है। यह एक-दूसरे के संपर्क में भी आने से फैलता है। बारिश के मौसम में पानी पीने लायक नहीं रहता है, जिससे उल्टी व दस्त लगने लगते हैं।
विज्ञापन


दूषित पेयजल बढ़ा रहा बीमारियां
शहर में काफी जगहों पर पेयजल सप्लाई के साथ सीवरेज का गंदा पानी युक्त होकर जाता है, जो बीमारियां बढ़ा रहा है। शहर में काफी घरेलू कनेक्शन गंदे पानी की नालियों के अंदर से जाते हैं, जिसमें बारिश के समय गंदा पानी लीकेज की वजह से पेयजल सप्लाई में मिल जाता है।

ये बरतें सावधानियां
1. पानी उबालकर ही पीएं
2. अगर घर में कोई वायरल से पीड़ित है, तो वह मॉस्क लगाए।
3. बुजुर्गों और बच्चों का विशेष ध्यान रखें।
4. तली हुई वस्तुओं और बाहर के पेय पदार्थों के सेवन से परहेज करें।
5. रेहड़ियों में खुले में कटे हुए फ्रू्ट नहीं खाएं।

पिछली बार 300 से ज्यादा थे डेंगू के केस
जुलाई में मच्छर पनपने से सबसे ज्यादा डेंगू फैलने का डर रहता है। पिछले साल जिले में 300 से ज्यादा डेंगू के केस सामने आए थे। हालांकि इस बार अभी तक डेंगू का कोई केस नागरिक अस्पताल में नहीं आया है। डेंगू का मच्छर साफ पानी पर पनपता है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा जागरूकता अभियान चलाकर लोगों को डेंगू व अन्य बीमारियों से बचने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।

राजपुरा भैण में पानी की वजह से फैला था डायरिया
पिछले दिनों राजपुरा भैण गांव में दूषित पानी की वजह डायरिया फैल गया था। दर्जनों लोग, जिसमें बुजुर्ग, महिलाएं और बच्चे शामिल हैं, डायरिया की चपेट में आ गए थे। उसके बाद जन स्वास्थ्य विभाग हरकत में आया था। गांव में सप्लाई हो रहे दूषित पेयजल को लेकर कदम उठाते हुए पाइप लाइनों की लीकेज को ठीक किया था।


पिछले सप्ताह से मेरी पौत्री बीमार चल रही है। उसे लगातार उल्टियां व दस्त लग रहे हैं। एक सप्ताह से उसे नागरिक अस्पताल में दाखिल करवाया गया है, जहां उसका इलाज चल रहा है।
- लक्ष्मी, अभिभावक

मेरे बेटा कई दिन से बीमार है। उसे उल्टी व दस्त की शिकायत है। चिकित्सक इसकी वजह दूषित पानी बता रहे हैं। नागरिक अस्पताल में पिछले कई दिन से इलाज चल रहा है।
- निर्मला, अभिभावक

काफी घरों में पेयजल कनेक्शन हैं, वे गंदे पानी की नालियों के अंदर से किए गए हैं। बारिश के समय गंदा पानी जो नालियों में बहता है, वह लीकेज की वजह से इन पाइप लाइनों में चला जाता है। हालांकि अब तक इस बारे में किसी ने कोई शिकायत नहीं की है, अगर कोई शिकायत आती है, तो तुरंत कार्रवाई की जाएगी।
जगदेव मोर, एसडीओ
जन स्वास्थ्य विभाग।

फिलहाल 70 प्रतिशत वायरल व उल्टी-दस्त के मरीज हैं। वायरल संक्रमित बीमारी है, जो एक-दूसरे के संपर्क में आने से फैलती है। इसलिए मुंह पर रुमाल ढककर रखें। खांसी या जुकाम की शिकायत होने पर चिकित्सक से तुरंत संपर्क करें। उल्टी व दस्त के मरीज पानी उबाल कर पीएं। बरसाती मौसम में आमतौर पर पानी पीने लायक नहीं रहता है।
विज्ञापन

- डॉ. राजेश भोला, वरिष्ठ चिकित्सक
नागरिक अस्पताल, जींद।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें