19जेएनडी34 : सांसद चंद्रशेखर रावण के काफिले को काले झंडे दिखाते हुए ग्रामीण। संवाद
सफीदों। भीम आर्मी के संस्थापक, आजाद समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश की नगीना सीट से सांसद चंद्रशेखर आजाद रावण को गांव सिंघाना में वाल्मीकि, धानक समाज सहित अन्य ग्रामीणों के विरोध का सामना करना पड़ा। गांव के लोगों ने उनको काले झंडे दिखाते हुए रोष प्रकट किया।
जननायक जनता पार्टी के अध्यक्ष दुष्यंत चौटाला व आजाद समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष सांसद चंद्रशेखर आजाद रावण का हरियाणा विधानसभा चुनाव में समझौता हुआ है। इसी को लेकर दोनों नेता सफीदों हलके के विभिन्न गांवों में जजपा प्रत्याशी सुशील कुमार के लिए संयुक्त रूप से प्रचार पर निकले हुए थे। जैसे ही उनका काफिला गांव सिंघाना में पहुंचा, तो ग्रामीणों ने चंद्रशेखर रावण को काले झंडे दिखाए।
उनका कहना था कि सुप्रीम कोर्ट ने 11 अगस्त को आरक्षण में वर्गीकरण का फैसला सुनाया था। इसका सबसे पहले सांसद चंद्रशेखर रावण ने विरोध किया था। चंद्रशेखर केवल एक समाज के लोगों तक सीमित रह गए हैं। उन्हें वंचित समाज के हित से कोई लेना-देना नहीं है। चंद्रशेखर का सुप्रीम कोर्ट के फैसले का विरोध और भारत बंद का आह्वान उनके हक के खिलाफ था, जिसका वह विरोध करते हैं।
ग्रामीणों ने साफ किया कि उनका विरोध किसी पार्टी विशेष के लिए नहीं, बल्कि चंद्रशेखर के लिए था। उन्हें चुनाव से कोई मतलब नहीं है। कोई किसी को वोट दे। ग्रामीणों ने बताया कि 22 सितंबर को जींद की नई अनाज मंडी में डीएससी समाज का महासम्मेलन होगा। ग्रामीणों ने यह भी बताया कि उन्होंने इशारे से चंद्रशेखर को बातचीत के लिए बुलाया, लेकिन वे प्रचार रथ से नीचे नहीं उतरे और उनकी बात नहीं सुनी।
19जेएनडी34 : सांसद चंद्रशेखर रावण के काफिले को काले झंडे दिखाते हुए ग्रामीण। संवाद