12जेएनडी26-नगूरां गांव में आयोजित पंचायत में भाग लेते छह गांव के लोग। संवाद
अलेवा। नगूरां गांव में आईएमटी के विरोध में मंगलवार को प्रताप अलेवा की अध्यक्षता में पंचायत हुई। इसमें नगूरां, अलेवा, हसनपुर, मांडी, खांडा, दिल्लूवाला गांव के ग्रामीण भी शामिल हुए।
इसमें ग्रामीणों ने फैसला लिया कि सरकार को किसी भी कीमत पर जमीन नहीं दी जाएगी। नगूरां गांव ने इस मामले में एक कमेटी बनाने का निर्णय लिया।
सदस्य सुशील नरवाल ने कहा कि सरकार औने-पौने दामों पर किसानों की जमीन लेकर बड़े घरानों को देना चाहती है। सरकार ने अभी तक न तो रोजगार का स्वरूप क्या होगा किसान की जमीन जाएगी और घर में से नौकरी देने का क्या प्रावाधान होगा। जिस किसान की भूमि आइएमटी में जाएगी उसका रोजगार सुनिश्चित हो।
आज तक हरियाणा में जितने भी आइएमटी हैं। उनमें किसी भी जिस किसान की जमीन गई है। नौकरी का प्रावधान व कोटा निर्धारित नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि विधायक और सरकार रोजगार के नाम पर किसानों को बरगलाने का काम कर रहे हैं।
स्वामीनाथन रिर्पोट में यह स्पष्ट है कि उपजाऊ भूमि पर कहीं भी उद्योग या फिर आइएमटी जैसे संस्थान नहीं खोले जा सकते। कृषि सेक्टर भारत की कुल जीडीपी में 20 प्रतिशत योगदान देता है और 46 प्रतिशत लोगोंं को रोजगार दे रहा है जोकि किसी भी अन्य सेक्टर में सभंव नहीं है। वर्तमान में एचएसआईआईडीसी के लगभग हर शहर में कमर्शियल प्लाट खाली पड़े हैं जिनको सरकार पिछले 30 वर्षो में भी विकसित नहीं कर पाई। इस अवसर पर प्रधान धर्मपाल, राहुल अलेवा, काला हसनपुर, संदीप हसनपुर, गजे सिंह नगूरां, कुलदीप मांडी, भूप सिंह दलाल मौजूद रहे।