नरवाना। जगमग योजना को लेकर वीरवार को ईस्माईलपुर गांव के ग्रामीणों का गुस्सा फुट पड़ा। इसके बाद काफी संख्या में ग्रामीण ट्रैक्टर ट्राॅलियों में सवार होकर नरवाना बिजली निगम एक्सईएन कार्यालय में पहुंच गए ओर कार्यालय के बाहर बैठकर निगम के खिलाफ नारेबाजी करके रोष जताया। ग्रामीणों के गुस्से को देख निगम एसडीओ दीपक मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं।
ग्रामीण कविता, नरेश, राजेंद्र, पूनम सतबीर सिंह ने कहा कि उन्हें अपने गांव में जगमग योजना लागू नहीं करवानी और न उन्हें अपने गांव में 24 घंटे बिजली चाहिए। उन्होंने कहा कि सभी ग्रामीण जैसे गांव में बिजली की व्यवस्था पहले है, उसी व्यवस्था को रखना चाहते हैं। ग्रामीणों ने बताया कि गांव में योजना के तहत बिजली के खंभों पर मीटर लगाने का कार्य बिजली निगम की ओर से किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि गांव में बिजली पूरी आती है तो उसके बाद किसी भी तरह की योजना की कोई आवश्यकता नहीं है। इसके बाद सभी ग्रामीणों ने एसडीओ दीपक को ज्ञापन सौंपा।
एसडीओ दीपक ने आश्वासन दिया कि ग्रामीणों की जो समस्या है, उसे अधिकारियों के पास पहुंचा दिया जाएगा। इसके बाद सभी ग्रामीण वापस गांव चले गए। ग्रामीणों ने निगम के अधिकारियों को भी मौके पर ही चेताते हुए कहा कि अगर योजना के तहत कार्य को बंद नहीं किया तो वह भविष्य में किसी भी तरह का बड़ा कदम उठाने को मजबूर होंगे। इसके बाद की जिम्मेदारी बिजली निगम व स्थानीय प्रशासन की होगी। गौरतलब है कि 21 जनवरी को भी गांव बेलरखा के लोग जगमग योजना के विरोध में बिजली निगम एक्सईएन कार्यालय पहुंचे थे और निगम के खिलाफ जगमग योजना का विरोध किया था। इस अवसर पर सूरजमल, करनैल सिंह, बीरबान, जसबीर, राजा राम, मनोज, नवीन, रविंद्र, रायसिंह, कृष्ण, रेशमा, लक्ष्मी, सरोज, कविता, माया मौजूद रही।
वर्जन
जगमग योजना के विरोध में गांव ईस्माईलपुर के ग्रामीण निगम के कार्यालय पर पहुंचे थे, जिन्होंने गांव में शुरू हुए जगमग योजना के कार्य के विरोध में अपना मांग पत्र सौंपा है। ग्रामीणों की ओर से सौंपे मांगपत्र को अधिकारियों के पास पहुंचा दिया जाएगा। ग्रामीणों में यह संशय बना हुआ है कि अगर मीटर घर के बाहर लग गए तो उनका बिजली बिल ज्यादा आएगा। ऐसा कुछ नहीं है जितना बिल सामान्य तौर पर आता है वैसे ही बाहर लगने पर आएगा। इस योजना के तहत गांव में 24 घंटे बिजली दी जाएगी।
-दीपक, एसडीओ, बिजली निगम, नरवाना।