फोटो 05जेएनडी23-रिटोली में बुखार पीड़ित के खून का नमूना लेते हुए स्वास्थ्यकर्मी। स्रोत कर्मचारी
जींद। स्वास्थ्य विभाग की ओर से रिटोली गांव में मच्छरजनित बीमारियों की रोकथाम और बचाव को लेकर जागरूकता अभियान चलाया गया। इस दौरान फीवर मास्क अभियान के तहत बुखार से पीड़ित मरीजों की रक्त पट्टिकाएं तैयार कर जांच के लिए प्रयोगशाला भेजी गईं। स्वास्थ्य कर्मियों ने ग्रामीणों को डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया से बचाव के उपायों की जानकारी दी।
स्वास्थ्यकर्मी निर्मल सिंह ने बताया कि बरसात और गर्मी के मौसम में मच्छरों की संख्या बढ़ने से मच्छरजनित बीमारियों का खतरा भी बढ़ जाता है। उन्होंने कहा कि इन बीमारियों से बचाव के लिए घरों और आसपास पानी जमा नहीं होने देना सबसे जरूरी है, क्योंकि मच्छर रुके हुए पानी में पनपते हैं।
उन्होंने ग्रामीणों से कूलर, गमले, पुराने टायर, पानी की टंकियों और अन्य बर्तनों की नियमित सफाई करने तथा पानी के स्रोतों को ढककर रखने की अपील की। सप्ताह में कम से कम एक दिन ड्राई डे मनाकर घर में रखे पानी के सभी बर्तनों को खाली कर सुखाने की सलाह दी गई। ग्रामीणों को पूरी बाजू के कपड़े पहनने, मच्छरदानी लगाने और मच्छर भगाने वाले साधनों का इस्तेमाल करने के लिए भी प्रेरित किया गया। कार्यक्रम में पूजा देवी, गीता, सरोज और संतोष मौजूद रहीं।