गांव जलालपुर कलां के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय पर शनिवार सुबह ग्रामीणों ने ताला लगा दिया। शुक्रवार को भी ग्रामीणों ने ताला लगाकर सरकार का पुतला फूंका था। ग्रामीणों का आरोप है कि गांव के स्कूल से चार अध्यापकों का तबादला हुआ था लेकिन एक भी अध्यापक नया स्कूल में नहीं आया। इस कारण बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। ग्रामीणों ने मांगों का ज्ञापन खंड शिक्षा अधिकारी सुशील कुमार जैन को सौंपा। जैन ने ग्रामीणों को जल्द समस्या के समाधान का आश्वासन दिया।
धरने की अध्यक्षता करते हुए बारूराम और राजेश कुमार ने बताया कि गांव के स्कूल में छठी से दसवीं कक्षा तक 250 विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण करते हैं। गांव के स्कूल से हिंदी, अंग्रेजी, गणित व सामाजिक विज्ञान के अध्यापकों का तबादला कर दिया लेकिन उनके स्थान पर एक भी अध्यापक को नहीं भेजा गया। स्कूल में फिलहाल मुख्याध्यापक समेत चार ही अध्यापक रह गए हैं। मुख्य विषयों के अध्यापक नहीं होने के कारण बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। स्कूल में जरूरतमंद परिवारों के बच्चे पढ़ते हैं। इनकी आर्थिक स्थिति बहुत कमजोर है इस कारण यह अपने बच्चों को निजी स्कूलों में नहीं भेज सकते। भरपाई, संतोष, विजय कुमार, राजेश कुमार व रोहताश ने बताया कि सरकार निजी स्कूलों को बढ़ावा देने का प्रयास कर रही है। जरूरतमंद परिवारों के बच्चों को शिक्षा से वंचित रख रही है। बड़े पैमाने पर सरकारी स्कूलों को बंद किया जा रहा है। ग्रामीणों ने स्कूल के गेट पर आठ बजे ताला जड़ा था। दोपहर 12 बजे खंड शिक्षा अधिकारी सुशील जैन मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों से बातचीत की। जैन ने आश्वासन दिया कि वह उच्चाधिकारियों से बातचीत करके स्कूल में अन्य अध्यापकों की व्यवस्था करवाएंगे। इसके बाद ग्रामीणों ने खंड शिक्षा अधिकारी को मांगों का ज्ञापन सौंपा।
एक अक्तूबर से अनिश्चितकालीन धरना करेंगे शुरू
ग्रामीणों ने कहा कि यदि शिक्षा विभाग व प्रशासन ने 30 सितंबर तक उनके गांव के स्कूल में गणित, हिंदी व अंग्रेजी के अध्यापकों की व्यवस्था नहीं की तो वह एक अक्तूबर से स्कूल को बंद करके अनिश्चितकालीन धरना शुरू करने पर मजबूर होंगे। सरकार को बच्चों को शिक्षा से वंचित रखने के षडयंत्र में कभी कामयाब नहीं होने दिया जाएगा।