संवाद न्यूज एजेंसी
नरवाना। गांव बेलरखा में शुक्रवार को बच्ची के अपहरण के शक में ग्रामीणों ने संदिग्ध साधुओं को पकड़कर जमकर पिटाई कर दी। इसके बाद ग्रामीणों ने साधुओं को पुलिस को सौंप दिया। पुलिस ने साधुओं को हिरासत में लेकर पूछताछ की जिसमें अपहरण की बात की पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस ने साधुओं को छोड़ दिया है।
गांव बेलरखा में चार साधु मोटरसाइकिल रेहड़ी पर माता की फोटो रखकर घर-घर जाकर पैसे व गेहूं मांग रहे थे। दो अन्य व्यक्ति भी बाबा के वेश में घूम रहे थे।
इस दौरान साधु एक बच्ची से बात कर रहे थे जिसे देखकर परिजनों और आसपास के लोगों को बच्ची के अपहरण का शक हुआ तो उन्होंने शोर मचाना शुरू कर दिया। शोर सुनकर ग्रामीण मौके पर एकत्रित हो गए।
गुस्साए ग्रामीणों ने संदिग्ध साधुओं को पकड़कर गांव की चौपाल में बैठा दिया और पुलिस को सूचना दी। कुछ ग्रामीणों ने उनकी पिटाई कर दी। सूचना मिलते ही थाना सदर नरवाना से पीएसआई कुलदीप सिंह मौके पर पहुंचे और सभी साधुओं को हिरासत में लेकर थाने ले गए।
सदर थाना प्रभारी कमल ने बताया कि हिरासत में लिए सभी से प्राथमिक जांच में उनकी पहचान की गई। संदिग्ध साधुओं में एक खनौरी स्थित सपेला बस्ती निवासी नाबालिग कुबीर, बलविंद्र, सोनू, सोनपाल, टोहाना के राजनगर निवासी कुलबीर व एक अन्य शामिल है।
सदर थाना प्रभारी ने बताया कि गलतफहमी की वजह से यह मामला बढ़ गया और ग्रामीणों ने पुलिस बुला ली। साधुओं की जांच कर उन्हें छोड़ दिया और किसी पर मुकदमा दर्ज नहीं किया गया है।