10जेएनडी39: एसडीएम को ज्ञापन सौंपते हुए पंच। संवाद
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सफीदों(जींद)। सफीदों बीडीपीओ ब्लाॅक के पंचों ने उनके मानदेय में घोटाला होने के आरोप लगाए हैं। इन आरोपों के चलते क्षेत्र के दर्जनों पंचों ने सोमवार को हरियाणा पंचायती राज एसोसिएशन के जिला उपाध्यक्ष रोहित मलिक की अध्यक्षता में शिकायत एसडीएम पुलकित मल्होत्रा से की है।
शिकायत करने पहुंचे बलवान ऐंचरा, राजेश कुमार डिडवाड़ा, बलिंद्र कुमार, गौरव पाजू कलां, विक्रम, संदीप, रामनिवास सिंघाना, जसविंद्र सिंघाना, बबीता कारखाना, कुलदीप, सुरेश कुमार, सीमा, दिप्ती, अशोक साहनपुर, महावीर हाट समेत अनेक पंचों का कहना था कि सफीदों ब्लाॅक में 45 ग्राम पंचायतों के 461 पंच बने हुए हैं। प्रत्येक पंच को प्रतिमाह 1600 रुपये मानदेय सरकार की ओर से भेजा जाता है, लेकिन सफीदों बीडीपीओ कार्यालय द्वारा पंचों का मानदेय समय पर उनके बैंक खातों में नहीं डाला जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि जब भी कोई पंच बीडीपीओ कार्यालय में अधिकारियों से अपने मानदेय का हिसाब मांगने जाता है तो उसे कोई हिसाब नहीं दिया जाता। उनका कहना था कि किसी पंच का 11 महीने तो किसी पंच का आठ महीने का मानदेय बकाया है, लेकिन बीडीपीओ कार्यालय द्वारा उन्हें मात्र तीन माह का ही मानदेय बकाया बताया जा रहा है। ऐसे में बीडीपीओ कार्यालय में पंचों के मानदेय में घोटाले की बू आ रही है। इसके अलावा उनका एरियर भी बकाया चल रहा है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि उनका रुका हुआ मानदेय व एरियर तत्काल बहाल करवाया जाए। इसके साथ-साथ उन्हें ग्राम पंचायतों की बैठकों में भी बुलाया जाए। पंचों का ज्ञापन लेकर एसडीएम पुलकित मल्होत्रा ने बीडीपीओ को इस मामले में तत्काल कार्रवाई के आदेश दिए।
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पंचों को नहीं बुलाया जाता ग्राम सभा की बैठकों में
शिकायतकर्ता पंचों का कहना था कि गांव में होने वाली एजेंडा बैठकों में भी ग्राम पंचों को नहीं बुलाया जाता। उनका आरोप है कि उनके फर्जी साइन करके ही एजेंडा पास कर दिया जाता है। अधिकतर पंचों को ये ही नहीं पता होता है कि उनके गांव में किसी विकास कार्य के लिए कितने रुपये पास किए गए हैं। पंचायत सदस्यों की लगातार अनदेखी की जा रही है। उन्हें ग्राम सभाओं की बैठकों में भी नहीं बुलाया जाता। ग्राम सभा की बैठक ओपन होनी चाहिए, लेकिन ये बैठकें कागजों तक ही सीमित रह गई हैं।