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रूपगढ़ गांव में जरूरतमंद लोगों की सहायता के लिए बनेगा कोष

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जींद। गांव रूपगढ़ में अलग-अलग कारणों से 16 लोगों की मौत होने के बाद ग्रामीण अब अपने स्तर पर कोरोना से बचाव के लिए कार्य करेंगे। ग्रामीणों का कहना है कि बार-बार अनुरोध के बावजूद प्रशासन गांव की सुध नहीं ले रहा है, लेकिन स्वास्थ्य विभाग का दावा है कि लगातार स्थिति पर नजर रखी जा रही है।
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ऐसे में ग्रामीणों ने पंचायत कर फैसला लिया है कि वे अब अपने स्तर पर भी कोरोना के खिलाफ लड़ाई लड़ेंगे। इसके लिए गांव में घर-घर से चंदा एकत्रित कर एक कोष बनाया जाएगा। इस राशि से सबसे पहले यह सुनिश्चित किया जाएगा कि किसी भी जरूरतमंद व्यक्ति को राशन व दवा की कमी नहीं हो। इसके बाद गांव को सैनिटाइज व हवन सामग्री की धूनी शुरू की जाएगी।
गांव के सरपंच संदीप अहलावत के अनुसार 22 अप्रैल से 14 मई के बीच गांव में 16 लोगों की मौत हो चुकी है। इसके चलते पिछले सप्ताह ही प्रशासन से मांग की गई थी कि गांव में सर्वे करवा कर इलाज शुरू किया जाए। इसके बाद ग्रामीणों ने पहले प्रशासन को शनिवार का समय दिया और इसके बाद सोमवार का। दोनों ही दिन कोई भी अधिकारी व कर्मचारी यहां नहीं पहुंचा। इसके बाद सोमवार को ग्रामीणों ने पंचायत कर अपने स्तर पर ही महामारी से लड़ने की योजना बनाई है। हालांकि फिलहाल गांव में मौतों का सिलसिला रुका हुआ है। हालांकि गांव में काफी लोग बुखार से पीड़ित हैं। पंचायत में गांव के सरपंच संदीप अहलवात, रामचंद्र अहलावत, धज्जाराम, अजमेर, विनोद शर्मा, सोमवीर चौकीदार, बलवान नंबरदार, सिल्लु जोगी, मामराज जोगी, हरीकिशन अहलवात, महताब अहलावत, कर्मवीर, दलबीर व राममेहर आदि मौजूद रहे।
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एक व्यक्ति की कोरोना संक्रमण से मौत
गांव में 16 लोगों की मौत हो चुकी है, लेकिन स्वास्थ्य विभाग के अनुसार एक व्यक्ति की मौत ही कोरोना संक्रमण से हुई है। इनमें से कुछ लोग तो अधिक उम्र के चलते मरे हैं, लेकिन कुछ लोगों की मौत संदिग्ध है। इनमें एक करीब 25 वर्षीय युवक की भी मौत हुई है। युवक को बुखार हुआ था और अगले ही दिन उसकी मौत हो गई।
प्रशासन आज चलाएगा सर्वे अभियान
प्रशासन हमेशा से ही तैयार है। गांव में एक कोरोना संक्रमित मौत की पुष्टी हुई है। अन्य लोगों की मौत अलग-अलग कारणों से हुई हैं। गांव के लिए विशेष तैयारी है। वीरवार को तीन टीमें गांव में सर्वे करेंगी। साथ ही लोगों की जांच भी की जाएगी। इसके बाद ही आगे की योजना बनाई जाएगी।
-डॉ. पालेराम कटारिया, नोडल अधिकारी- कोविड 19
प्रशासन से नहीं मिला सहयोग
गांव में मौतों का सिलसिला शुरू होते ही प्रशासन से सर्वे व इलाज की गुहार लगाई गई थी, लेकिन कोई सहयोग नहीं मिला। ऐसे में ग्रामीणों ने पंचायत कर तैयारी की। इसके तहत चंदा एकत्रित किया जाएगा। इससे हर जरूरतमंद की मदद की जाएगी। गांव में प्रतिदिन सैनिटाइजर का छिड़काव व हवन होगा। गांव में ताश खेलने व समूह में हुक्का पीने पर रोक लगा दी गई है। इसके लिए एक कमेटी बनाई गई है, जो पूरी स्थिति पर नजर रखेगी।
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