जींद। गुलमर्ग में आयोजित हुए नेशनल विंंटर बैथलॉन गेम में सुदकैण खुर्द गांव की बेटी विकास राणा ने पांच किलोमीटर स्पर्धा में भाग लेकर प्रदेश को कांस्य पदक दिलाया है। वह अब मंगलवार को दस किलोमीटर की बैथलॉन गेम में भाग लेंगी। उन्होंने ये सफलता उधार की राइफल से हासिल की है। हालांकि खुद की राइफल न होने की वजह से उनका अभ्यास नही हो पाता। इसी वजह से वह दो साल से स्वर्ण पदक से चूक रही हैं। उन्होंने सरकार से मदद की अपील की है।
विकास राणा के पास खुद की राइफल नहीं होने के कारण वह पिछले दो वर्षों से लगातार स्वर्ण से चूक रही हैं। इस बार भी विकास ने आर्मी से उधार की राइफल के लेकर इस प्रतियोगिता में तीसरा स्थान प्राप्त किया। विकास राणा किसान परिवार से संबंध रखती हैं। इस कारण वह खुद की राइफल खरीदने में असमर्थ है। इसके लिए वह सरकार से कई बार सहायता के लिए मांग कर चुकी है, ताकि वह प्रदेश व देश के लिए स्वर्ण पदक जीतकर ला सके। इसके बावजूद भी उनकी कहीं सुनवाई नहीं हुई। विकास राणा के नेशनल विंटर बैथलॉन गेम में पदक जीतने पर परिजनों व ग्रामीणों ने खुशी जताई। इस प्रतियोगिता में प्रदेश भर से 15 खिलाडि़यो ने भाग लिया था। प्रदेश से विकास राणा इकलौती महिला खिलाड़ी है। जिन्होंने इस गेम में लगातार दूसरी बार पदक जीता है। इससे पहले प्रदेश में कभी किसी महिला खिलाड़ी ने पदक नहीं जीता। उन्होंने बीते वर्ष सिल्वर पदक जीतकर प्रदेश का मान बढ़ाया था, तो इस बार कांस्य पदक विकास राणा के हाथ लगा है।