जींद। एफएलएन (फाउंडेशन लिटरेसी न्यूमरेसी) की टीम ने जिले के 424 प्राइमरी स्कूलों में मेगा जांच अभियान चलाया। टीम ने तीन दिन में स्कूलों में संचालित हो रही 490 कक्षाओं की कई बिंदुओं पर जांच की। 80 स्कूलों में लाइब्रेरी नहीं मिली जबकि 310 स्कूलों में लाइब्रेरी थी। 95 कक्षाओं में कक्षा अध्यापक के पास छात्रों की स्किल पासबुक ही नहीं मिली। 84 स्कूलों में बिना साप्ताहिक योजना के ही काम हो रहा था। यह जांच अभियान तीन दिन तक चलेगा। सुधार के लिए अब तीन मार्च को डीसी के नेतृत्व में 16 सदस्यीय कमेटी की बैठक होगी।
टीम के निरीक्षण का उदे्श्य स्कूलों की व्यवस्थाओं को परखना था कि इनमें तय किए गए मानकों के अनुसार पढ़ाई हो रही है या नहीं। शिक्षक इनका पालन कर रहे हैं या नहीं। इन सभी बिंदुओं को शिक्षा विभाग द्वारा परखा गया। जांच के बाद स्कूलों में सुधार कैसे हो। इस संबंध में 3 मार्च को 16 सदस्यों की डीसी के नेतृत्व में होगी ।बैठक में एफएलएन (फाउंडेशन लिटरेसी न्यूमरेसी) में कैसे सुधार किया जाए। इससे बच्चों को ज्यादा से ज्यादा फायदा कैसे मिले और अध्यापक भी जागरूक हों। इन बिंदुओं पर चर्चा होगी। इस बैठक में सदस्य जिला परिषद चेयरमैन, एडीसी, सिविल सर्जन, डीएमसी, डीईओ, डाइट प्रिंसिपल जींद, जिला बाल कल्याण अधिकारी, कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास, आदि अअधिकारी शामिल होंगे।
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समूह में पढ़ाने से बढ़ी बच्चों की रुचि, अध्यापक हुए जागरुक
टीम की जांच में यह देखने में मिला कि समूह में पढ़ने से बच्चों में पढ़ाई के प्रति रुचि बढ़ी है। अभिभावकों में भी बच्चो को लेकर जागरुक हुए हैं। टीम ने कई अन्य बिंदुओं पर ध्यान देने की नसीहत दी है। स्कूल में अध्यापकों को टीचर डायरी अनिवार्य, एफएलएन कक्षाओं में वर्क बुक के अनुसार 16 सप्ताह का कार्य पूरा होना। साप्ताहिक आकलन अवश्य वर्क बुक की सहायता से किया जाना, दीदी बॉक्स का प्रयोग, ब्लॉक में क्लस्टर पर एफएलएन के तहत सीआईपीयू का गठन किया जाना, स्कूलों में लाइब्रेरी का प्रयोग किया जाना, हाजिरी रजिस्टर, एमआईएस, एमडीएम, केश बुक का रिकॉर्ड अपडेट रखना, एबीआरसी और बीआरपी द्वारा फीडबैक लिया जाना, स्कूल के दो किलोमीटर में छह से 14 साल का कोई बच्चा आउट ऑफ स्कूल नहीं हो, स्कूल में बच्चों की 95 प्रतिशत उपस्थिति, पर्यावरण व टाइम टेबल पर ध्यान आदि देखा जाएगा।
वर्जन
छोटे बच्चे स्कूल न छोड़े और अध्यापक भी पढ़ाई को लेकर जागरूक हों। इसको लेकर एफएलएन (फाउंडेशन लिटरेसी न्यूमरेसी) योजना शुरू की है। योजना के तहत किन-किन स्कूलों में पढ़ाई करवाई जा रही है। इसको लेकर टीम ने जिला के 424 प्राइमरी स्कूलों में जाकर 490 कक्षाओं को जांचा। इस योजना में कैसे सुधार किया जाए। इसको लेकर तीन मार्च को डीसी डॉ. मनोज के नेतृत्व में लघु सचिवालय में 15 सदस्यों के साथ बैठक होगी।
राजेश वशिष्ठ, जिला कॉर्डिनेटर, एफएनएल।